श्री गंगानगर

Sri Ganganagar Rain: ग्रामीण इलाकों में आंधी-बारिश का कहर, दर्जनभर गांवों की बिजली गुल, मंडियों में हजारों बोरी गेहूं भीगा

श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई स्थानों पर विद्युत पोल उखड़ गए और ट्रांसफार्मर धराशायी हो गए। वहीं मंडियों में बड़ी मात्रा में गेहूं की फसल भीग गई।

3 min read
तेज आंधी में गिरा ट्रांसफॉर्मर (फोटो-पत्रिका)

श्रीगंगानगर। जिले में आई तेज आंधी और बारिश ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम के चलते जहां एक ओर दर्जनभर से अधिक गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई, वहीं दूसरी ओर मंडियों में खुले में रखा हजारों बोरी गेहूं भीगने से किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

बीरमाना क्षेत्र में तेज आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल उखड़ गए और ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। इससे चक गोदारन, हरीसिंहपुरा, मालेर, राजाणा, लालगढ़िया, डीडब्ल्यूएम, एलजीएम और एसपीएम सहित कई गांव अंधेरे में डूब गए।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Rain: राजस्थान में यहां बदला मौसम, तेज हवा के साथ बारिश और बिछी ओलों की चादर, जानें ताजा अपडेट
श्री विजयनगर की नई धान मंडी में बारिश से भीगा गेहूं (फोटो-पत्रिका)

बिजली कटने से पेयजल का संकट

विद्युत निगम के सहायक अभियंता अनूप कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही टीमों को मौके पर भेजा गया और क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि बिजली गुल होने से ग्रामीणों को भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।

गलियों में भरा बरसाती पानी

उधर, जैतसर कस्बे और आसपास के गांवों में लगातार दूसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। मंगलवार रात करीब 11 बजे शुरू हुई तेज बारिश देर रात करीब दो बजे तक जारी रही। गिरदावर तेनसिंह के अनुसार, मंगलवार रात 15 एमएम और सोमवार को 3 एमएम बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कस्बे के बाजार और गली-मोहल्लों में पानी भर गया, जिससे बुधवार को आवागमन प्रभावित रहा। एक जीबी गांव में एक मकान की दीवार गिरने की घटना भी सामने आई, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।

जैतसर में सड़क पर फैला बरसाती पानी (फोटो-पत्रिका)

हजारों क्विंटल गेहूं बर्बाद

बारिश का सबसे ज्यादा असर कृषि उपज मंडियों में देखने को मिला। जैतसर और श्रीबिजयनगर की नई धान मंडियों में समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए लाया गया गेहूं बारिश में भीग गया। मंडियों में पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने और तिरपाल की कमी के कारण हजारों क्विंटल गेहूं खराब होने की स्थिति में पहुंच गया। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में देरी के चलते उनकी उपज खुले में पड़ी रही और बारिश ने उसे नुकसान पहुंचा दिया।

मंडी में भरा पानी (फोटो-पत्रिका)

किसानों को सता रही चिंता

श्रीबिजयनगर की मंडी में पानी निकासी के लिए लगाए गए बोरवेल भी खराब मिले, जिससे बारिश का पानी जमा हो गया और गेहूं की बोरियां भीग गईं। वहीं, लगातार बारिश के चलते नरमा-कपास की बुवाई भी प्रभावित हुई है और किसानों को दोबारा बिजाई करने की चिंता सता रही है। बेमौसम बारिश और आंधी ने जिले में बिजली व्यवस्था से लेकर कृषि तक हर क्षेत्र को प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीणों और किसानों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Weather Alert: राजस्थान में मौसम का यू-टर्न, कई जिलों में आंधी-बारिश-वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी
Also Read
View All