
श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित केन्द्रीय कारागृह में बंदियों की तलाशी के दौरान हंगामा हो गया। बैरक में औचक निरीक्षण के दौरान नशीली वस्तु मिलने पर कुछ बंदी भड़क गए। तलाशी का विरोध करते हुए एक बंदी ने चाय पीने वाले मग से जेलर पर हमला कर दिया। हमले में जेलर के हाथ पर चोटें आईं। घायल जेलर को उपचार के लिए जिला सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले में कोतवाली पुलिस ने जेलर के पर्चा बयान के आधार पर कई बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटना 4 नवंबर की बताई जा रही है।
जेलर हेमराज वैष्णव ने पुलिस को दिए पर्चा बयान में बताया कि 4 नवंबर को वह केन्द्रीय कारागृह में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब डेढ़ बजे जेल अधीक्षक महावी प्रसाद मीणा सुरक्षा प्रहरियों के साथ वार्ड संख्या तीन में आकस्मिक तलाशी लेने पहुंचे। जेलर भी इस कार्रवाई में उनके साथ मौजूद थे। जेल प्रशासन की टीम ने बैरक संख्या आठ में बंदियों की तलाशी और जांच शुरू की। इस दौरान बंदी पंकज की तलाशी लेने पर उसके पास नशीली वस्तु मिली। इसके बाद जेल कर्मचारियों ने दूसरे बंदियों की तलाशी शुरू की। जब टीम बंदी हमजोत की तलाशी लेने लगी तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
जेलर के आरोपों के अनुसार, तलाशी का विरोध कर रहे बंदी हमजोत सिंह ने चाय पीने वाले मग से उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में जेलर हेमराज वैष्णव के हाथ पर चोटें आईं। मौके पर मौजूद जेल कर्मचारियों ने तत्काल बीच-बचाव किया। जेलर दर्शना, प्रहरी प्रवीण कुमार और राकेश कुमार ने हस्तक्षेप कर उन्हें बंदियों से बचाया।
जेलर ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बंदी रविन्द्र चारण, पंकज और संदीप हुड्डा के कहने पर हमजोत सिंह ने उन पर हमला किया। घटना के बाद घायल जेलर को जिला सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। कोतवाली पुलिस ने पर्चा बयान के आधार पर संबंधित बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटना के पीछे की वजह, हमले में अन्य बंदियों की भूमिका और जेल में नशीली वस्तु पहुंचने के मामले की जांच कर रही है।