श्री गंगानगर

Rajasthan: प्रेमी के साथ मिलकर बेटी की हत्या, रातों-रात किया अंतिम संस्कार, मां समेत 5 लोगों पर केस दर्ज

श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में मां ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर 14 साल की नाबालिग बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद बेटी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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Updated: 27 Jul 2026, 8:38 AM IST
daughter Murder Case Rajasthan
बेटी की हत्या के बाद रातों-रात किया अंतिम संस्कार। फोटो: एआई

सूरतगढ़। श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में मां ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर 14 साल की नाबालिग बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद बेटी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सिटी पुलिस ने मृतक बच्ची की मां, नाना-नानी, मामा और मां के लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या व साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच थानाधिकारी कलावती चौधरी कर रही है।

बछरारा पुलिस ने बताया कि अदालत के इस्तागासा जरिए दर्ज रिपोर्ट में रारा निवासी रामस्वरूप पुत्र शेराराम नायक ने बताया कि उसकी पत्नी राधादेवी पुत्री मनीराम पारिवारिक विवाद के बाद उसे छोड़कर सरदारपुरा खर्था स्थित एक ईंट भट्ठे पर अपने माता-पिता के पास रहने लगी थी। परिवाद में आरोप है कि राधादेवी वहां एक बिहारी युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी। दंपती के तीन बच्चों में से दो पिता के पास रहते हैं, जबकि 14 साल की बच्ची मां के साथ रह रही थी।

पहले बीमारी से मौत, फिर आत्महत्या की बात से हुआ शक

परिवाद के अनुसार 21 मई 2026 को रामस्वरूप को सूचना मिली कि उसकी बेटी गायत्री का पता नहीं है। उसने अपने साले प्रकाश से बात की तो उसने गायत्री की मृत्यु होने की जानकारी दी। इसके बाद रामस्वरूप अपने भाई ताराचंद के साथ सरदारपुरा खर्था स्थित ईट भट्ठे पर पहुंचा। वहां प्रकाश, ससुर मनीराम, सास गीतादेवी, साला अजय, राधादेवी और उसके साथ रहने वाले युवक ने पहले बीमारी से मौत और बाद में आत्महत्या की बात बताई।

रात को ही कर दिया गया अंतिम संस्कार, नहीं दी सूचना

परिवादी ने आरोप लगाया कि बेटी का अंतिम संस्कार उसी रात कर दिया गया और इसकी सूचना पुलिस या उसके पिता को नहीं दी गई। उसका कहना है कि स्थानीय लोगों से पूछताछ में पता चला कि कथित प्रेम प्रसंग से नाराज परिजनों ने उसकी हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दिया। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया।

कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज

परिवादी का कहना है कि उन्होंने पहले सिटी थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट की शरण ली, जहां से मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मनीराम पुत्र राजूराम नायक, राधादेवी पुत्री मनीराम, अजय पुत्र मनीराम, गीतादेवी पत्नी मनीराम नायक तथा राधादेवी के नाम अज्ञात बिहारी लिव-इन पार्टनर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103(1), 238 और 61(2) में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Updated on:
27 Jul 2026, 8:38 AM IST
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