
श्रीगंगानगर.
क्षेत्र में बुधवार को एक ही दिन में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री गिरने से लोग ठंड में ठिठुर गए। सर्दी का असर इतना जबरदस्त था कि हर व्यक्ति पूरे दिन ज्यादा से ज्यादा कपड़ों में लिपटा नजर आया। मंगलवार रात्रि करीब 11 बजे से शुरू हुई धुंध बुधवार दोपहर एक बजे तक रही। धुंध में विजिबिलिटी दस मीटर तक रहने से वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे तक आंख मिचोली के बाद फिर से सूरज बादलों में छिप गया। साथ ही चली सर्द हवा ने ठंड का असर और भी तीखा कर दिया। सुबह देर से निकले लोग शाम होते-होते फिर से घरों में दुबक गए। वहीं सुबह-सुबह स्कूल जाते समय बच्चे सर्दी में काफी परेशान दिखे। बुधवार को अधिकतम तापमान 0.7 डिग्री गिरकर 13.5 डिग्री रहा, न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री गिरकर 3.2 डिग्री सेंटीग्रेड रहा। वहीं हवा में नमी सुबह 94 प्रतिशत और शाम को 88 प्रतिशत तक रही।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच दिन से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ को कारण माना जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ आने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर कम रह जाता है। जो कि इस समय क्षेत्र में चल रहा है।
अलाव रहा सहारा
सुबह होते ही सर्दी बहुत ज्यादा होने के चलते अलाव ही लोगों का सहारा रही। जगह-जगह पर लोगों ने अलाव तापकर सर्दी के असर को कम करने का प्रयास किया। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, दुकानों और घरों के आगे अलाव जलाकर ठंडे हुए हाथ-पैरों को सेका।
अभी बनी रहेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार बरसात के बाद हवा में नमी बढऩे से ठंड का असर बढ़ा है। अभी आगे भी ठंड का असर बरकरार रहेगा। साथ ही सक्रिय पश्चिम विक्षोभ के कारण आगामी दिनों में फिर से बरसात आने की भी संभावना जताई जा रही है।
फसलों को फायदा
सर्दी बढऩे से भले ही लोगों को परेशानी का सामना करना पड़े, लेकिन फसलों को इससे फायदा होगा। धुंध और हवा में नमी सरसों, गेहूं, जौ, चना फसलों के लिए फायदेमंद है। किसानों की माने तो धुंध से फसलों के पत्ते धुल जाते हैं और पानी की बूंदें गिरने से सिंचाई का काम करती है।