कृषि उपज मंडी समितियों को अनुदान के लिए किसानों का इंतजार है।
श्रीगंगानगर।
कृषि उपज मंडी समितियों को अनुदान के लिए किसानों का इंतजार है। श्रीगंगानगर खण्ड की पांच मंडी समितियां यह योजना संचालित कर रही है लेकिन अभी तक कोई किसान लाभ उठाने नहीं आया है।
कृषि विपणन बोर्ड ने राज्य के चुनिन्दा स्थानों के किसानों को कृषि जिन्सों का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन कर विक्रय करने के लिए फसलोत्तर प्रबंधन एवं मूल्य संवर्धन मशीन, उपकरण अनुदान एवं प्रदर्शन योजना में मशीनों एवं उपकरणों पर 5 करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान देने का निर्णय किया था लेकिन श्रीगंगानगर खण्ड में यह योजना अभी तक विफल साबित हुई है।
योजना में सभी श्रेणी के महिला एवं पुरुष किसान योजना से लाभान्वित हो सकते हैं। पात्र किसानों का चयन करने के लिए संबंधित मंडी समिति के अध्यक्ष या प्रशासक की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। मंडी समिति के सचिव इसके सदस्य सचिव तथा कृषि विपणन बोर्ड के प्रतिनिधि सदस्य हैं। मशीन एवं उपकरणों की मांग अधिक होने तथा आवंटन की संख्या कम होने की स्थिति में यह कमेटी लॉटरी से पात्र किसानों की वरीयता तय करने के लिए अधिकृत है।
उल्लेखनीय है कि योजना के लिए चिन्हित मंडी समितियों की सूची में श्रीगंगानगर (अनाज), गजसिंहपुर, अनूपगढ़, रायसिंहनगर एवं घड़साना शामिल हैं। इन मंडी समितियों के माध्यम से अनाज सफाई व श्रेणीकरण यंत्र , आलू छिलाई यंत्र, चिप्स बनाई यंत्र एवं दलहन यंत्र पर अनुदान उपलब्ध करवाया जा सकता है। मंडी समिति, गजसिंहपुर के सचिव महीपाल माली के पास घड़साना मंडी समिति के सचिव का भी अतिरिक्त कार्यभार है। उन्होंने शनिवार को बताया कि अनुदान संबंधी योजना का प्रसार-प्रसार किया हुआ है। अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है, आने पर पात्र किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
प्रशिक्षण-प्रदर्शन की व्यवस्था
स्थानीय कृषि यंत्र निर्माताओं एवं उद्यमियों को फसलोत्तर प्रबंधन और मूल्य संवर्धन मशीन-उपकरणों के निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलवाने का भी तय किया हुआ है। इसका उद्देश्य राज्य में ही मशीन एवं उपकरणों का निर्माण करवा के किफायती दर पर किसानों को उपलब्ध करवाना और रोजगार को प्रोत्साहित करना है। किसानों को जानकारी देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स पर प्रदर्शन के लिए मशीन और उपकरण उपलब्ध करवाने का निर्णय किया हुआ है।