श्रीनगर

‘सरकार को उसी तरह झुकने पर मजबूर करेंगे जैसे ‘GenZ’ ने किया’, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को लेकर इल्तिजा मुफ्ती का बड़ा बयान

PDP Iltija Mufti GenZ comment: PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए सरकार को GenZ (युवाओं) की तरह आत्मसमर्पण करने पर मजबूर किया जाएगा।
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Aug 05, 2026
PDP Iltija Mufti GenZ comment
जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को लेकर इल्तिजा मुफ्ती का बड़ा बयान, फोटो सोर्स- ANI

Iltija Mufti Srinagar statement: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे (अनुच्छेद 370) की बहाली की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका संगठन और राज्य के लोग सरकार को अपनी मांगें मानने के लिए उसी तरह मजबूर करेंगे, जैसे बांग्लादेश में 'Gen Z' ने विरोध प्रदर्शनों के जरिए सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर किया था।

बता दें कि पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने विशेष दर्जे और अधिकारों की बहाली की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों, खासकर बांग्लादेश में युवाओं ने आंदोलन के जरिए सरकारों को फैसले बदलने पर मजबूर किया है। उनका कहना था कि जब बड़ी संख्या में लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी पड़ती है। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर के अधिकारों की बहाली के लिए भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और जनदबाव जारी रहेगा।

7 साल में बदली घाटी की तस्वीर, नई पीढ़ी के बदले सपने

बता दें कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बीते सात वर्षों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कभी बंद, प्रदर्शन, पत्थरबाजी और सुरक्षा प्रतिबंधों के लिए चर्चित रहने वाली घाटी में अब सामान्य जनजीवन लौटता नजर आ रहा है। पहले जहां हर शुक्रवार तनाव का माहौल रहता था और लोगों की दिनचर्या अक्सर प्रभावित होती थी, वहीं अब बाजार, स्कूल, कॉलेज और पर्यटन गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। जिन बच्चों ने अनुच्छेद 370 हटने के समय स्कूल में पढ़ाई शुरू की थी, वे अब उच्च शिक्षा और अपने करियर की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

'अब बंद नहीं, करियर और भविष्य की होती है बात'

श्रीनगर के हब्बाकदल निवासी 19 साल के साहिल बताते हैं कि पहले सबसे बड़ी चिंता यही रहती थी कि स्कूल खुलेगा या नहीं और इंटरनेट कब बंद हो जाएगा। अब उनकी पीढ़ी की बातचीत बंद, पत्थरबाजी या अशांति पर नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग और बेहतर करियर के अवसरों पर होती है। वहीं, सौरा की एमबीबीएस छात्रा सुमायरा कहती हैं कि अनुच्छेद 370 पर अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अब पढ़ाई पहले की तरह बाधित नहीं होती। उनके अनुसार, पहले परिवार के लोग बाहर निकलने को लेकर चिंतित रहते थे, जबकि अब छात्र-छात्राएं बिना किसी डर के लाल चौक जैसे इलाकों में जाकर समय बिताते हैं और अपने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हैं। दूसरी ओर, ईदगाह के रहने वाले वाहिद, जो अब एक फूड स्टार्टअप चला रहे हैं, बताते हैं कि बेहतर कनेक्टिविटी और दिल्ली से सीधी रेल सेवा शुरू होने के बाद सामान की ढुलाई आसान और सस्ती हुई है, जिससे उनके कारोबार को विस्तार देने में मदद मिली है।

Updated on:
05 Aug 2026 04:34 pm
Published on:
05 Aug 2026 04:34 pm