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Video: न लग्जरी कार न DJ, 32 बैलगाड़ियों पर निकली करोड़पति के बेटे की बारात; बिहार में अनोखी शादी

बिहार के समस्तीपुर में एक बिज़नेसमैन के बेटे की शादी की बारात लग्जरी कारों के बजाय 32 सजी हुई बैलगाड़ियों पर निकली। पर्यावरण बचाने को बढ़ावा देने के लिए इस पॉल्यूशन फ्री बारात में गाड़ियों पर सोफे रखे गए थे, डीजे की जगह शहनाई की धुन बज रही थी।

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बैलगाड़ी पर निकली बारात (फोटो -X@1991kundan )

Bihar Unique Wedding:बिहार के समस्तीपुर में बुधवार की शाम एक बारात ने लोगों को रुककर देखने पर मजबूर कर दिया। न कान फाड़ देने वाला DJ म्यूजिक था, न आतिशबाजी का शोर और धुआं, न चमचमाती लग्जरी कारें, न ही चमचमाती तेज लाइटें, फिर भी यह शादी चर्चा का विषय बन गई। वजह यह थी कि यह बारात मर्सिडीज या हेलीकॉप्टर से नहीं, बल्कि बैलगाड़ियों से चल रही थी। बुधवार शाम जब बारात शहर की सड़कों पर निकली, तो सब रुक गए और लोग अपनी गाड़ियों से उतरकर वीडियो बनाने लगे। गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया।

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32 बैलगाड़ियां और 64 बैल

यह अनोखी बारात शहर के जाने-माने होटल मालिक और बिजनेसमैन प्रदीप सेठ के बेटे आलोक की थी। जब बारात गोला रोड के एक होटल से निकली, तो पुरानी भारतीय संस्कृति की यादें ताजा हो गईं। दूल्हा आलोक पारंपरिक पगड़ी पहने रथ पर सवार था, उसके पीछे 32 सजी हुई बैलगाड़ियों पर बारात धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इन गाड़ियों को खींचने के लिए आस-पास के गांवों से 64 मजबूत बैल लाए गए थे।

बैलगाड़ियों पर सोफे और शहनाई की धून

इस बारात की सबसे खास बात इसकी शान और सादगी का मेल था। बरातियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए बैलगाड़ियों पर ही शानदार सोफे और गद्दे रखे गए थे। लाउडस्पीकर वाले मॉडर्न DJ की जगह, पुरानी शहनाई और पारंपरिक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स की मधुर धुनें गूंज रही थीं। लगभग 2 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद बारात मथुरापुर के गजराज पैलेस पहुंची। रास्ते में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। कई जगहों पर ट्रैफिक धीमा हो गया, लेकिन लोगों के चेहरों पर गुस्सा कम और उत्साह ज्यादा था।

पॉल्यूशन-फ्री बारात

यह अनोखा आइडिया दूल्हे के चाचा और जाने-माने एनिमल लवर महेंद्र प्रधान का था। उन्होंने बताया कि आजकल शादियों में गाड़ियों की बहुत भीड़ होती है, जिससे पॉल्यूशन और शोर बढ़ता है। महेंद्र प्रधान चाहते थे कि उनके भतीजे की शादी यादगार हो और समाज में एक अच्छा मैसेज जाए। इसी वजह से प्रदूषण कम करने और अपनी पुरानी संस्कृति से जुड़ने के लिए बैलगाड़ी से बारात जाने का फैसला किया गया।

गौरतलब है कि महेंद्र प्रधान को जानवरों से बहुत प्यार है। उनके पास हाथी, सारस, हिरण और खरगोश समेत कई जानवर और पक्षी हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से बच्चे आते हैं।

शहर की रफ्तार धीमी हो गई

एक साथ 32 बैलगाड़ियों के सड़क पर आने से समस्तीपुर-दरभंगा मेन रोड पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम लग गया। मगरदही पुल से गणेश चौक तक गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई, लेकिन आने-जाने वाले लोग गुस्से से नहीं, बल्कि हैरानी और तारीफ से भरे हुए थे। लोग कह रहे थे कि उन्होंने सालों में ऐसी बारात नहीं देखी है।

सोशल मीडिया पर वायरल

शादी की बारात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे परंपरा और मॉडर्न सोच का खूबसूरत मेल बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे 'ग्रीन वेडिंग' का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है।

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