
गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में हुक्का बार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने और शराब पीने तथा बेचने और इससे संबंधित अन्य मामलों में सजा को और कड़ा बनाने की घोषणा की। राज्य के गृह राज्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री वियज रूपाणी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि हुक्का बार पर प्रतिबंध के लिए एक अध्यादेश पर मंत्रिमंडल ने सहमति दी है जिसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा।
इसमें हुक्काबार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए ऐसा करने वाले के खिलाफ सजा और अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। यह सजा एक से तीन साल तक होगी और दंड 20 से 50 हजार तक होगा। दूसरी ओर, शराब की खरीद बिक्री के मामले में अब तक के कानून के मुताबिक तीन साल की सजा की जगह पर अब 10 साल की सजा और पांच लाख रुपए तक के अर्थदंड की व्यवस्था की गई है।
शराब के अड्डे चलाने और इसके अवैध कारोबार में मदद करने वाले को भी अब दस साल की सजा करने का प्रावधान किया गया है। शराब पीकर हंगामा करने वाले को तीन साल तक की सजा तथा शराब के अवैध कारोबारियों को भागने में मदद करने वाले को सात साल तक की सजा और एक लाख रुपए के दंड का प्रावधान भी संशोधित कानून में किया गया है।
शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ ड्यूटी पर तैनात अधिकारी पर हमला करने पर पांच साल की सजा तथा पांच लाख के दंड का प्रावधान भी किया गया है। गौरतलब है कि गुजरात में शराब पहले से ही प्रतिबंधित है।