30 वर्षीय एक लापता युवक को ढूंढ़ने के लिए उसकी बुजुर्ग मां और फत्नी दर दर भटक रही है। वह शहर कोतवाली में अपनी फरियाद लेकर गई लेकिन वहां पर उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
लखनऊ : मथुरा शहर कोतवाली क्षेत्र के रामनगर के कृष्णानगर से लापता एक युवक की तलाश में पत्नी और उसकी बुजुर्ग मां दर दर भटक रही है । 30 वर्षीय युवक को खोजने के लिए उसकी मां बीना और पत्नी शीलेश थाने का चक्कर लगाकर थक गई । उनका ना तो एफआईआर लिखा गया और ना कोई सुनवाई हुई।
लापता युवक की पत्नी और उसकी मां को पता चला कि जिले के अस्पताल में डिप्टी सीएम बृजेश पाठक आ रहे हैं। उनसे जा करके कहो तो सुनवाई हो जाएगी । फिर युवक की पत्नी और मां दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक से मिलने जिला अस्पताल पहुंच गई । वहां पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उनसे नहीं मिलने दिया और बाहर हटा दिया।
इसके बाद महिला शीलेश अपनी सास बीना को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करें ? इसके बाद दोनों महिलाओं ने चुपचाप वहीं पर खड़ी हो गई । फिर तभी उन दोनों महिलाओं की नजर डीएम नवनीत सिंह चहल और एसएसपी अभिषेक यादव पर पड़ी तो वे दोनों अधिकारियों के पास पहुंच गईं। बुजुर्ग मां जिलाधिकारी और एसएसपी के पैरों पर गिर कर फूट-फूटकर रोने लगी। उसने कहा कि साहब बेटे को ढूंढ दीजिए। दोनों अधिकारी ये सब देख हैरान रह गए।
27 अगस्त से धर्मेश उर्फ गोलू है लापता
दोनों अधिकारी कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि यह क्या हो रहा है? इसके बाद डीएम और एसएसपी ने बुजुर्ग महिला को धैर्य बंधाते हुए जमीन से उठाया फिर दोनों महिलाओं की समस्या को सुना । लापता युवक की पत्नी ने बताया कि 27 अगस्त को उसका पति धर्मेश उर्फ गोलू अपने बीमार बडे़ भाई जितेंद्र से मिलने जिला अस्पताल आया था तभी से वह अभी तक घर नहीं लौटा है। इसे लेकर वह कई बार कृष्णानगर चौकी और कोतवाली गई, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। एसएसपी ने मौके पर शहर कोतवाल को बुलाकर महिला का मुकदमा दर्ज करते हुए लापता पति को बरामद करने के तुरंत निर्देश दिए।
घर का एकमात्र कमाने वाला घर्मेश
महिला ने अधिकारियों को बताया कि उसके घर में कमाने वाला एक मात्र वही है । वह फरीदाबाद के फैक्ट्री में काम करता है । रक्षाबंधन पर घर आया और इसी वक्त भाई के बीमार पड़ने पर उसे देखने जिला अस्पताल गया। लापता व्यक्ति के दो छोटे बच्चे हैं।