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Ayodhya : सरयू नदी का कहर जारी, स्नान घाट की सीढ़ियों पर कर रहें शवों का अंतिम संस्कार

अयोध्या में सरयू नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है । सरयू नदी इस समय खतरे के निशान से लगभग 50 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का स्तर इतना बढ़ गया है कि जहां पर शव का दाह संस्कार होना था वहां पर भी पानी भर गया है।
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Updated: 20 Sep 2022, 5:31 PM IST
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सरयू नदी के घाट पर लोग दाह संस्कार करते हुए

अयोध्या : सरयू नदी इस समय खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। सरयू नदी में लगातार जल स्तर बढ़ रहा है । जल स्तर बढ़ने से पर्यटकों और स्नानार्थियों के लिए खतरा पैदा हो गया है। सरयू नदी अब कहर बरपाना शुरू कर दिया है ।

अयोध्या में संत तुलसीदास घाट से लेकर चौधरी चरण सिंह घाट तक सीढ़ियों के पास पानी पहुंच चुका है। अयोध्या में सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से घाट के किनारे अंतिम संस्कार करने वाले के लिए दिक्कत हो गई है। सरयू नदी के तट के समीप हमेशा से ही रेलवे पुल के नीचे ही शव का दाह संस्कार होता रहा है लेकिन कल अचानक से नदी का जल स्तर बढ़ने से वहां पर भी पानी भर गया । जिससे लोगों को मजबूर होकर घाट के सीड़ियों पर दाह संस्कार करना पड़ रहा है।

जल आयोग के मुताबिक नदी के जलस्तर में अभी बढ़ोतरी के आसार
अयोध्या जल आयोग के मुताबिक नदी में अभी जल का स्तर बढ़ने के आसार पर हैं। सरयू नदी का जल स्तर खतरे के निशान से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। सरयू नदी में जल स्तर बढ़ने से तटीय के लोग और ग्रामीण के मन में चिंता सता रही है। नदी का पानी का बढ़ जाए और उनको अपना घर द्नार छोड़कर दूसरी जगह पर जाना पड़े ।

रामनगरी में सबसे विकट समस्या लोगों के अंतिम संस्कार की खड़ी हो गई है। सरयू के घाट पर स्थित श्मशान घाट पूर्ण रूप से जलमग्न हो गया है। ऐसे में लोग घाटों की सीढ़ियों पर अंतिम संस्कार कर रहे हैं। जिसे लेकर आस पास लोग विरोध कर रहे हैं। समस्या इतनी विकट है कि जाएं तो जाएं कहां, क्योंकि दूरदराज से लोग अपने प्रियजनों के शव का अंतिम संस्कार के लिए सरयू नदी पहुंच रहे हैं। इधर, श्मशान घाट पूरी तरह से जलमग्न है।

लकड़ी बेचने वालों की नदी में बह गई लकड़ी
सरयू नदी के किनारे लकड़ी व्यवसाई जो श्मशान घाट पर लकड़ी बेचते हैं। उन सब लोगों की लकड़ियां सरयू में बह गई हैं। इसके अलावा श्मशान घाट पर चाय और छोटी मोटी दुकान करके अपनी जीविका चलाने वाले लोगों को इतना भी मौका नहीं मिला कि वे अपनी दुकान है या सामान हटा सकें। उन दुकानें और समान भी नदी में बह गया।

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20 Sep 2022, 5:31 PM IST
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