
AR Rahman cyber awareness: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के लिए सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर जागृति अभियान' से अब मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता एआर रहमान भी जुड़ गए हैं। सुकमा पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयंक गुर्जर की विशेष अपील पर रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर आम नागरिकों को डिजिटल फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया है। रहमान ने अपने संदेश में कहा कि डिजिटल युग में तकनीक का उपयोग बेहद सावधानी से करें और किसी भी अज्ञात या लुभावने झांसे में न आएं।
15 अगस्त से शुरू हुआ यह जन-आंदोलन 2 अक्टूबर तक पूरे सुकमा जिले में चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में पुलिस की टीमें हाट-बाजारों, स्कूलों और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैला रही हैं। सुकमा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी के साथ ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
सुकमा पुलिस ने नागरिकों से स्पष्ट अपील की है कि वे OTP, PIN और पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। बैंक या किसी सरकारी संस्था का अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को भी बिना सत्यापन के अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी नहीं देनी चाहिए। साइबर ठग अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करते हैं। कभी बैंक खाता बंद होने का डर दिखाया जाता है तो कभी केवाईसी अपडेट, इनाम, नौकरी या किसी अन्य आकर्षक ऑफर का लालच दिया जाता है। पुलिस लोगों को ऐसे मामलों में शांत रहने और फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान तथा दावे की पुष्टि किए बिना कोई कार्रवाई नहीं करने की सलाह दे रही है।
साइबर ठगी के कई मामलों में लोगों को मोबाइल पर लिंक भेजकर उस पर क्लिक करने या कोई ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल या बैंक खाते से जुड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने लोगों से कहा है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में ऐप डाउनलोड न करें। ऑनलाइन लेन-देन करते समय भी सामने वाले व्यक्ति और खाते की जानकारी जांच लेना जरूरी है।