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पूर्व भाजपा नेता ने दिया था छत्तीसगढ़ बीज निगम का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, 2 लाख लेकर युवक को थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र

Fake joining letter: छत्तीसगढ़ बीज निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी के नाम पर 2 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।
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Fake joining letter

छत्तीसगढ़ बीज निगम और तेलीबांधा थाना की तस्वीर (Photo Patrika)

Fake joining letter: छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने के पीछे पूर्व भाजपा नेता कृष्णा अवस्थी का हाथ था। उसी ने बीज निगम के एमडी के फर्जी हस्ताक्षर करके कसडोल के युवक को दिया। इसके बदले में उससे 2 लाख रुपए लिए थे। इस मामले में तेलीबांधा पुलिस उसकी गिरफ्तारी करेगी।

तेलीबांधा थाने में शिकायत की थी

उल्लेखनीय है कि निगम के एमडी विनोद वर्मा ने तेलीबांधा थाने में शिकायत की थी कि अज्ञात व्यक्ति ने छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति का फर्जी ज्वाइनिंग लेटर जारी किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कसडोल निवासी हेमंत साहू से पूछताछ की गई।

नौकरी लगाने के नाम पर 2 लाख लिए

इसमें हेमंत ने बताया कि कृष्णा अवस्थी ने डाटा इंट्री ऑपरेटर की नौकरी लगाने के नाम पर उनसे 2 लाख रुपए लिया था। इसके बदले उसने फर्जी लेटर दिया। उल्लेखनीय है कि कृष्णा अवस्थी धोखाधड़ी के मामले में पहले से जेल में है। वह बलौदाबाजार का भाजपा नेता और पदाधिकारी थे। ठगी का मामला उजागर होने के बाद ही उसे फिलहाल किनारे कर दिया गया है। मामले में कृष्णा के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।

फर्जी नियुक्ति पत्र से खुला पूरा मामला

बीज निगम के एमडी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में यह पूरा मामला सामने आया। शुरुआत में पुलिस के सामने आरोपी अज्ञात था। निगम की ओर से शिकायत में बताया गया था कि उसके नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया गया है। इसके बाद पुलिस ने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवक तक पहुंच बनाई। युवक से पूछताछ के दौरान नौकरी के नाम पर रकम लिए जाने और कृष्णा अवस्थी की भूमिका की जानकारी सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने और युवक से रकम लेने की प्रक्रिया में कृष्णा के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।