Last salute given to the martyr jawan: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने मंगलवार को खूनी खेल खेला था। इस लाल आतंक के खुनी खेल में एक सीआरपीएफ 222 बटालियन का जवान शहीद हो गया। शहीद जवान को बुधवार को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।
Last salute given to the martyr jawan: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने मंगलवार को खूनी खेल खेला था। इस लाल आतंक के खुनी खेल में एक सीआरपीएफ 222 बटालियन का जवान शहीद हो गया। शहीद जवान को बुधवार को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी गई।
सुकमा के डब्बाकोटा में हुए मुठभेड़ में शहीद जवान को अंतिम सलामी दी गई। 80 बटालियन में जवान को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारी मौजूद रहे।
जानकारी के लिए बता दें कि मंगलवार को जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र अंतर्गत डब्बाकोंटा कैम्प पर 4:30 बजे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में कोबरा का एक जवान शहीद हो गया। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने पत्रिका को बताया कि शाम 4.30 से 5 बजे के बीच डब्बाकोन्टा कैम्प और पेंटापाड़ जंगल के मध्य ऑपरेशन ड्यूटी में तैनात सुरक्षा बल के ऊपर नक्सलियों द्वारा फायरिंग की गई। सुरक्षा बल द्वारा तत्काल जवाबी कार्यवाही की गई। इसके बाद नक्सली जंगल की आड़ लेकर भाग गए।
फायरिंग में आऊटर कॉर्डन कट ऑफ पार्टी में लगे कोबरा 222वीं वाहिनी के एक प्रधान आरक्षक सुलेमान निवासी जिला पालक्काड़, केरल घायल हो गए। जिन्हें उपचार हेतु भेज्जी सीआरपीएफ फील्ड हॉस्पिटल लाया गया एवं फील्ड हॉस्पिटल में उपचार के दौरान प्रधान आरक्षक शहीद हो गए। डब्बाकोंटा में सुरक्षा बल का हाल ही में कैंप स्थापित किया गया है। यह इलाका नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में है। जहां नक्सलियों की मौजूदगी बनी रहती है, जिसको देखते हुए सुरक्षा बल के द्वारा कैंप स्थापित किया गया है।
कोर एरिया में कैम्प खुलने से बोखलाए नक्सली
डब्बाकोन्टा नक्सलियों का कोर इलाका है। इस इलाके में नक्सली अपनी सरकार यानी जनताना सरकार चलने का दावा करते हैं। अब जबकि इस इलाके तक पुलिस का दखल बढ़ा है तो नक्सली बौखला गए हैं और इस तरह से हमले कर फोर्स पर दबाव डालने का काम कर रहें। इस पर आईजी का कहना है कि हम नक्सलियों को इस इलाके से पीछे ढकेलने में कामयाब हुए हैं।