सुकमा

सुकमा में आंशिक रूप से बादलों का डेरा! हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के साथ बदलेगा तापमान

IMD Forecast Sukma: सुकमा में 20 से 24 अक्टूबर तक मौसम बदलने और हल्की बारिश के आसार हैं। कृषि विभाग ने किसानों को पकी हुई फसलों की जल्द कटाई करने और धान में नमी बनाए रखने की सलाह दी है।
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Updated: 23 Oct 2026, 3:17 PM IST
Chhattisgarh Weather Update
मौसम में बदलाव की संभावना (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Weather Update: सुकमा जिले में आगामी दिनों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई जा रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, जगदलपुर द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 20 से 24 अक्टूबर तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम को देखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा और कृषि कार्यों की योजना सावधानीपूर्वक बनाने की सलाह दी गई है।

Crop Protection Rain Alert: किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

स्थानीय मौसम की ताजा जानकारी के लिए ’मौसम सीजी’ और ’मेघदूत’ ऐप का नियमित उपयोग करें, ताकि मौसम के अनुरूप खेती के जरूरी फैसले समय पर लिए जा सकें। पूर्वानुमान के मुताबिक, जिले में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। उत्तर-पूर्व दिशा से लगभग 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली कडक़ने की आशंका को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।

उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें

कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि बारिश के दौरान कीटनाशक और खरपतवारनाशक रसायनों का छिड़काव न करें। पकी हुई उड़द, कुल्थी, मूंगफली और लघु धान्य फसलों की कटाई एवं खुदाई जल्द पूरी कर उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। धान की फसल में बाली निकलने और दाना भरने की अवस्था में पानी की कमी न होने दें। हरा माहू, तना छेदक और पैनिकल माइट की नियमित निगरानी करें। मक्का में निराई-गुड़ाई व मिट्टी चढ़ाने के साथ दूधिया अवस्था में सिंचाई सुनिश्चित करें। अरहर में संतुलित उर्वरक और आवश्यकतानुसार सिंचाई पर ध्यान दें।

Sukma News Today: सब्जियों और पशुओं की सुरक्षा पर जोर

टमाटर, बैंगन, मिर्च और गोभीवर्गीय सब्जियों की नर्सरी समय पर तैयार करें। आम के बागों में मिली बग नियंत्रण के उपाय अपनाएं। पशुपालक दूध निकालने से पहले और बाद में थनों की सफाई करें, पशुओं को लवण-मिश्रण दें तथा गलघोंटू और लंगड़ा बुखार के टीके लगवाएं।

Updated on:
23 Oct 2026, 3:17 PM IST
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