स्थानीय लोगों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरुण गांधी समस्या का समाधान नहीं करना चाहते, इसलिए अब मतदान का बहिष्कार ही एक रास्त बचा है...
राम सुमिरन मिश्र
सुलतानपुर. लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सभी दल जुटे हैं। अभियान चलाकर मतदाता सूची अपडेट की जा रही है, लेकिन बीजेपी सांसद वरुण गांधी के संसदीय क्षेत्र सुलतानपुर जिले की बल्दीराय तहसील क्षेत्र में 70 हजार मतदाता वोटिंग का बहिष्कार करेंगे। कारण है कि इन्हें मतदान करने के लिये पड़ोसी जिले अमेठी में जाना पड़ता है। इसके खिलाफ वह बार-बार आवाज उठा चुके हैं। पिछले लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में नेताओं और तत्कालीन जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने जनता को यह आश्वासन दिया था कि उनकी जिले में रहने की मांग पर गंभीरता से विचार कर वापस सुलतानपुर जिले में शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि सुलतानपुर जिले की बल्दीराय तहसील क्षेत्र में हलियापुर थाना क्षेत्र के 29 गांव के करीब 70 हजार मतदाता अमेठी जिले के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में वोट डालने को मजबूर होते हैं, क्योंकि वर्ष 2011 में हुए विधानसभा क्षेत्र के परिसीमन में सारी गणित गड़बड़ा गई है। यहां के लोगों को विधानसभा चुनाव में मतदान करने तो अमेठी जिले के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में जाना पड़ता है, लेकिन जब लोकसभा चुनाव की बारी आती है तो उन्हें अमेठी संसदीय क्षेत्र में मतदान करना पड़ता है। वहीं, जब राजस्व, प्रशासनिक और न्यायालय की बात आती है तो उन सबको सुलतानपुर जाना पड़ता है।
हलियापुर सर्किल के गांव ब्लॉक बल्दीराय तथा विधानसभा जगदीशपुर लोकसभा अमेठी में मतदान करना पड़ता है, तो अन्य कानूनी कार्यों के लिये सुलतानपुर जाना मजबूरी है। 29 गांवों के 70 हजार मतदाता राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों छले जाने को मजबूर हैं। इस समस्या को लेकर हजारों लोग हलकान हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की कुम्भकर्णी नींद है कि टूटने का नाम नहीं ले रही है। इस सम्बंध में एसडीएम प्रीतपाल सिंह कहते हैं कि मुझे इसकी कुछ भी जानकारी नहीं है, क्योंकि वे अभी-अभी इस जिले में आये हैं। लेकिन अगर इस तरह का मामला है तो वे उसे बहुत जल्द हल करायेंगे।
हलियापुर उत्थान समित के बैनर तले विगत विधानसभा चुनाव में 70 हजार वोटरों ने मतदान के बहिष्कार का एलान किया था। प्रशासन की बेरुखी के बाद सड़कों पर उतरी जनता का मूड भांपकर शासन-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। यही नहीं दो वीआईपी जिलों के बीच का मामला होने के कारण यह मामला राजधानी दिल्ली की गलियों तक गूंजा था। इसी गूंज को सुनकर जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने हलियापुर उत्थान समिति के पदाधिकारियों को बुलाकर मामले को सुलटाने का भरोसा दिलाया था। विधानसभा क्षेत्र में आयोग द्वारा कराये गए परिसीमन को त्रुटिपूर्ण माना और जनता तथा हलियापुर उत्थान समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया था कि विधानसभा चुनाव बाद इन 29 गांवों को हम बल्दीराय तहसील में जोड़ने का पूरा प्रयास करेंगे।
तबादले हुए, लेकिन हालात नहीं बदले
विधानसभा चुनाव हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत गया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम का तबादला हुए भी करीब साल भर होने को है, लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो वह है इन 29 गांवों के लोगों के हालात। तहसील बल्दीराय क्षेत्र के गांव हड़ौरा के रहने वाले प्रदीप पांडेय बताते हैं कि हम लोगों ने इन 29 गांवों को अमेठी जिले में किये जाने का पुरजोर विरोध किया था, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि हम लोगों का एक शिष्ट मंडल सांसद वरुण गांधी और अमेठी के सांसद राहुल गांधी से मिलकर मामले से अवगत कराया था, लेकिन दोनों नेताओं ने अभी तक इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
2019 के चुनाव में करेंगे बहिष्कार
हलियापुर उत्थान समिति के उपाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश पांडेय एवं शिक्षक नेता सुरेश कुमार ने कहा कि हम लोग 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। हम सब सुलतानपुर जिले में ही रहना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरुण गांधी समस्या का समाधान नहीं करना चाहते। इसलिए हम सब 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। अब यही एक रास्ता बचा है।
हलियापुर कानूनगो सर्किल के 29 गांव
हलियापुर कानूनगो सर्किल के अंतर्गत आने वाले गांव फत्तेपुर, विश्वनाथपुर, तौधकपुर, उसका, मऊ, सरायबघा, जरईकला, हलियापुर, कानकरकोला, पिपरी, उमरा, जमालपुर, बड़ादाढ़, कुवांसी, तिरहुत, देहरियावा, कांपा, पौली, डीह, भवानीगढ़, रैंचा, मेघमऊ, हसुइ, मुकुन्दपुर, रामपुर, बब्बन, डोभियारा, दक्खिन गांव, सोरांव शामिल हैं।