कोरोना वायरस (Cororavirus in UP) की रोकथाम के लिए यूपी सरकार (UP Government) की कोशिशों को प्रशासन ही पलीता लगाने में जुट गया है।
सुल्तानपुर. कोरोना वायरस (Cororavirus in UP) की रोकथाम के लिए यूपी सरकार (UP Government) की कोशिशों को प्रशासन ही पलीता लगाने में जुट गया है। सुल्तानपुर की जिलाधिकारी (Sultanpur DM) सी इंदुमति (C Indumati) पर ऑक्सिमीटर (Oximeter) और थर्मामीटर (Thermometer) की खरीद को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। और यह आरोप सत्ताधारी दल भाजपा के विधायक देवमणि द्विवेदी (Devmani Dwivedi) द्वारा ही लगाया गया है। जिसके बाद विपक्ष सरकार को घेरने में लग गया है। समाजवादी पार्टी व आम आदमी पार्टी ने इसके लेकर यूपी सरकार पर निशाना साधा है।
यह है आरोप-
सुल्तानपुर की जिलाधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने 2800 रुपए की कोविड किट 9950 में लोगों को खरिदवाई है। डीएम ने शासनादेश के विपरीत जाकर पंचायतों को जबरन किट खरीदवाई सप्लाई करने वाली फर्म को भी इसका भुगतान किया गया है। सुल्तानपुर के लंभुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने इसको लेकर सीएम से शिकायत की है। उन्होंने कहा कि डीएम द्वारा पल्स ऑक्सीमीटर और आईआर थर्मामीटर के लिए 2800 रुपए के जगह 9950 रुपए की अवैध वसूली की जा रही है। यह किट खरीदने के गांव की पंचायतों पर दबाव बनाया गया है। किट आपूर्ति करने वाली फर्म को डोंगल लगवाकर भुगतान भी करा दिया गया।
मामले की जांच के दिए आदेश-
इस मामले में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने अपर मुख्य सचिव पंचायती राज को पत्र लिखकर मामले की जांच कराकर आख्या उपलब्ध कराने को कहा है। मामले में समाजवादी पार्टी ने उच्चस्तरीय जांच करा डीएम पर कार्रवाई करने की सरकार से मांग की है।
आप ने कहा यह -
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया औऱ कहा कि 'योगी जी कृपया ध्यान दें Online खरीदने पर भी आक्सिमीटर की कीमत 800 रु, थर्मामीटर की कीमत 1800 रुपये है तो DM सुल्तानपुर ने 9950 रु में कोविड सर्वे किट क्यों ख़रीदा? किसने कितनी दलाली खाई? कोरोना के नाम पर भ्रष्टाचार शमसान में दलाली की समान है।'