दूसरे-साले पुष्पजीत की लखनऊ में हत्या के बाद मामला और गंभीर हो गया, फिर भी रिश्ते नहीं सुधरे...
सुल्तानपुर. अमेठी जिले का अब चाहे अलग अस्तित्व हो गया हो पर 2010 से पहले ये सुल्तानपुर का ही हिस्सा हुआ करता था और तब प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी की ससुराल गांव अतवारा थाना जगदीशपुर में था। सोमवार को जब से माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या की खबर आई गांव में सन्नाटा पसर गया। जिला कारागार में निरद्ध रहने के दौरान उसपर जेल से ही कई हत्याओं की साजिश रचने के आरोप लगे।
जब वर्दीधारियों को हुई मुन्ना की आहट
वैसे तो मुन्ना बजरंगी के अपराध का सीधा नाता इस क्षेत्र से कभी नहीं रहा, लेकिन दो दशक पहले जगदीशपुर के रानीगंज बाजार में हुई हत्याओं में इनकी चर्चा जरूर हुआ करती थीं। मात्र एक बिसवा जमीन के लिए हुए दोहरे हत्या कांड की जांच में जब पुलिस को 9 एमएम के कारतूस घटनास्थल पर मिले तभी वर्दीधारियों को इलाके में मुन्ना के पांव पसारने की आहट हो गयी थी।
शुरू हुई मुन्ना की चर्चा
फिर, कांग्रेस नेता सलाउद्दीन एवं मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या में भाड़े के शूटर और ऑटोमैटिक असलहों के इस्तेमाल ने पूर्वांचल के माफिया की ससुराल होने की धमक सुनाई पड़ने लगी थी। उन्ही दिनों मुन्ना बजरंगी का साला-सत्यजीत जिला पंचायत सदस्य चुना गया। एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य इजरत रसूल की हत्या में उसके-साले का नाम आया तो वारदात की साजिश बुनने में भी बजरंगी की भी चर्चा हुई।
सुल्तानपुर जेल भी रहा है ठिकाना
न्यायिक अभिरक्षा के दौरान मुन्ना बजरंगी को प्रशासनिक आधार पर सुल्तानपुर की अमहट जेल में करीब एक साल तक रखा गया था। तब तो चर्चा यह भी होती रही कि पीडब्ल्यूडी सहित रेलवे और सिंचाई विभाग के ठेकों में मुन्ना बजरंगी का सीधा दखल था। यहां के धनाढ्यों से चौथ वसूली का बेनी राम इमारती वाला तरीका भी खूब चर्चा में रहा।
तल्ख हो गए थे रिश्ते
दो दशक तक मुन्ना बजरंगी के साथ रिश्ते और आपराधिक वारदातों को लेकर चर्चा में रहे-साले सत्यजीत सिंह के इन दिनों रिश्ते अच्छे नहीं थे। सुल्तानपुर जेल में रहने के दौरान जब जिले के जरायम क्षेत्र में मुन्ना का वर्चस्व बढ़ता जा रहा था उसी समय सत्यजीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सबको चौंका दिया था कि मुन्ना बजरंगी उससे वसूली करवाना चाहता है। इनकार करने पर हत्या की धमकी दे रहा है। हालांकि दूसरे-साले पुष्पजीत की लखनऊ में हत्या के बाद मामला और गंभीर हो गया, फिर भी रिश्ते नहीं सुधरे। हालांकि, तल्खी के पहले ही कभी सामान्य हैसियत वाले मुन्ना के ससुरालीजन इतने अमीर हो गए कि अब वे अतवारा की बजाय लखनऊ के पॉश इलाके में रहते हैं। ये लोग बड़े राजीनीतिक दल से जुड़े हैं और अच्छी ठेकेदारी कर रहे हैं।