बीजेपी विधायक की मांग के बाद योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए लिस्ट में शामिल किया
सुलतानपुर. जिले के लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने जिले का नाम भगवान राम के बेटे कुश के नाम पर कुशपुर, कुशापुर या कुशभवनपुर रखने की मांग की है। विधायक द्विवेदी ने इस आशय का प्रस्ताव भी विधानसभा सत्र में पटल पर रख चुके हैं, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इतना ही नहीं सुलतानपुर का नाम बदलने के प्रस्ताव को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए लिस्ट में शामिल भी कर लिया गया है। दूसरी ओर नगरपालिका अध्यक्ष बबिता जायसवाल ने पालिका परिषद के सदन में सुलतानपुर का नाम कुशभवनपुर करने का प्रस्ताव भारी बहुमत से पास करा चुकी हैं। इसकी सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक भेजी जा चुकी है।
लम्भुआ से बीजेपी विधायक देवमणि द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने सुलतानपुर का नाम बदलने का प्रस्ताव पहले ही दे रखा है। इसमें उन्होंने सुझाव दिया है कि सुलतानपुर का नाम इसके असली नाम पर कर दिया जाये। उन्होंने मुख्यमंत्री को सुलतानपुर का नाम कुशपुर या कुशभवनपुर करने का सुझाव दिया है। बीजेपी विधायक ने कहा कि हर साल 26 अगस्त को जिले में कुशभवनपुर दिवस का आयोजन किया जाता है। आजादी के बाद से इस दिन एक रैली निकाली जाती है। नगर पालिका ने नाम बदलने का प्रस्ताव पारित भी कर दिया है और प्रस्ताव को नगर पंचायत विभाग को भेजा गया है।
मुगल शासन की याद दिलाता है सुलतानपुर
भाजपा नेता एवं जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विजय कुमार मिश्र ने बताया कि जिले का नाम मुगल शासन की याद दिलाता है। वह कहते हैं कि जब इस नगर को भगवान राम के द्वितीय पुत्र कुश ने बसाया था और इसे अपनी राजधानी बनाया था तो सुलतानपुर नाम रहने का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि अब जिले का नाम बदलकर रहेगा।
ऐसे पड़ गया सुलतानपुर नाम
इतिहासकार जयप्रकाश त्रिपाठी कहते हैं कि मुगलिया शासन में जब खिलजी वंश के राजाओं ने यहां व्यापार करने को आये तो यहां केराजाओं से उनका युद्ध हुआ। अपनी बादशाहत साबित करने के लिए ही मुगल बादशाह ने जिले का नाम बदलकर कुशभवनपुर से सुलतानपुर कर दिया था।