
बिश्रामपुर। सूरजुपर जिले के बिश्रामपुर निवासी एक व्यक्ति अपनी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहता था। एमबीबीएस में दाखिले के लिए वह प्रयासरत था। इस दौरान उसकी बेटी की एक सहेली ने पुणे के लोगों से उसका परिचय कराया। पुणे स्थित एक संस्था के लोगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसकी बेटी का एडमिशन (MBBS admission in Russia) वे रूस में करा देंगे। इसके लिए उन्होंने पहले एडमिशन शुल्क के नाम पर 60 हजार रुपए ट्रांसफर कराए, इसके बाद धीरे-धीरे उससे 3.22 लाख रुपए ले लिए। जब बेटी को उसने रूस भेजने फ्लाइट की बुकिंग कराई और काठमांडू एयरपोर्ट से वह जाने वाली थी तो उसे फोन कर रुकवा दिया गया। इसके बाद से न तो रुपए वापस किए गए और न ही एडमिशन हुआ। ठगी के शिकार व्यक्त् िने मामले की रिपोर्ट बिश्रामपुर थाने में दर्ज कराई है।
बिश्रामपुर निवासी राजेंद्र बहादुर केसी नगर के ही डीएव्ही विद्यालय में गार्ड के पद पर कार्यरत है। उसने बिश्रामपुर पुलिस को शिकायत आवेदन दिया। उसने बताया कि उसकी बेटी की सहेली के माध्यम से पुणे (Fraud accused) स्थित ड्रीम फ्लाई एजुकेशन कंसल्टेशनस से संपर्क हुआ था।
संस्था के डायरेक्टर डॉ. शशीर डोंगरे और उनके सहायक यश ने रूस में एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने का भरोसा दिया। उसने बताया कि पहले एडमिशन शुल्क (MBBS Admission Fee) के नाम पर उससे 60 हजार रुपए जमा कराए गए। इसके बाद वीजा, प्रक्रिया शुल्क और रूस पहुंचने पर होने वाले खर्च के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में 3 लाख 22 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
पीडि़त ने बताया कि 16 नवंबर 2025 को उसकी बेटी नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट से रूस जाने के लिए पहुंची, लेकिन इमिग्रेशन में दस्तावेजों की कमी बताकर उसे रोक दिया गया। इसके बाद संस्था के प्रतिनिधियों ने कुछ दिनों में पैसे वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन अब तक न तो बेटी का रूस में प्रवेश (No admission in MBBS) हो सका और न ही जमा की गई राशि वापस की गई। इसके बाद से उसे ठगी का एहसास हुआ।
डीएव्ही के गार्ड ने पुलिस से कहा कि एडमिशन नहीं होने और इतने सारे रुपए ठगी कर लिए जाने से वह, उसकी बेटी और परिवार के लोग काफी परेशान हैं। उसने इसे सुनियोजित धोखाधड़ी (Medical admission fraud) बताते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायती आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुुरु कर दी है।