कलक्टर न्यायालय के बगल में स्थित है रिडर कक्ष, ऑफिस की टाइमिंग में ऐसा हुआ होता तो हो सकता था बड़ा हादसा
सूरजपुर. सूरजपुर जिले के कलेक्टर न्यायालय के रीडर कक्ष में बुधवार-गुरुवार की रात फॉल सीलिंग भरभराकर गिर गया। इससे कक्ष में रखे कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटोकॉपी मशीन सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए। यदि यह घटना दिन में हुई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। इसका पता तब चला जब वहां की महिला कर्मचारी गुरुवार की सुबह सफाई करने पहुंची।
उसने दरवाजा खोला तो भीतर का नजारा देख उसकी आंखें फटी रह गईं। रीडर के माध्यम से सूचना कलक्टर को दी गई। सूचना मिलते ही कलक्टर तत्काल वहां पहुंचे। उन्होंने मलबा हटवाकर कक्ष को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
सूरजपुर जिले का तहसील भवन सन् 1956 में बना है। तहसील भवन के ही एक भाग में कलक्टर न्यायालय लगता है। न्यायालय डेस्क के बगल में ही रीडर कक्ष स्थित है। बुधवार की शाम करीब 7 बजे रीडर संदीप विश्वकर्मा, पीएस राजवाड़े व बसंती राजवाड़े कक्ष का ताला बंद कर घर चले गए। गुरुवार की सुबह 10 बजे बसंती राजवाड़े सफाई करने पहुंची। उसने रीडर कक्ष का दरवाजा खोला तो भीतर का नजारा देख कर उसके होश उड़ गए।
करीब 20 फीट लंबाई-चौड़ाई वाले कक्ष का पूरा फॉल सीलिंग भरभराकर गिरा हुआ था। इससे कक्ष में रखा कंप्यूटर, पिं्रटर, फोटोकॉपी मशीन, दस्तावेज सहित अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए थे। उसने तत्काल इसकी सूचना रीडर संदीप विश्वकर्मा को दी। सूचना मिलते ही मौके पर रीडर सहित अन्य कर्मचारी पहुंचे।
उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी कलक्टर केसी देवसेनापति को दी। सूचना मिलते ही कलक्टर मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों के माध्यम से मलबे को हटवाया। उन्होंने कर्मचारियों को कक्ष को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।
हो सकता था बड़ा हादसा
कार्यालयीन समय में रीडर कक्ष में काफी लोगों की भीड़ जुटती है। यदि इस दौरान फॉल सीलिंग गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। भवन काफी पुराना होने के कारण हादसा होने की बात कही जा रही है।