मामा के साथ रात में खुशी-खुशी मौसा को टिफिन पहुंचाने बाइक पर जा रहे थे बच्चे, 1 बच्चे की मौत, 3 गंभीर, नाजुक हालत में मामा रायपुर रेफर
सूरजपुर. गर्मी की छुट्टी में बच्चे अपने नाना-नानी के घर सूरजपुर के बड़कापारा में घूमने आए थे। सोमवार की रात मामा की बाइक पर सवार होकर 4 बच्चे मौसा को टिफिन पहुंचाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अज्ञात वाहन पीछे से टक्कर मारकर फरार हो गया। हादसे में बाइक सड़क किनारे स्थित रेलिंग से टकरा गई। इसमें सभी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद सभी को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान 12 वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर हालत में 20 वर्षीय मामा को रायपुर रेफर किया गया है। बाकी का उपचार यहीं जारी है।
मंगलवार की शाम बच्चे का शव जैसे ही घर पहुंचा, उसे देखकर मां-नानी सहित अन्य महिला बिलख-बिलख कर रोने लगीं। यह गमगीन नजारा देख सभी की आंखों में आंसू आ गए।
गौरतलब है कि सूरजपुर के बड़कापारा निवासी बेचन राम रवि के यहां बच्चे गर्मी की छुट्टी में घूमने आये थे। नगर पालिका द्वारा निर्मित मंगल भवन में केयर टेकर के रूप में कार्यरत रिश्तेदार राजेन्द्र रवि द्वारा फोन करके टिफिन मंगल भवन मंगाये जाने पर रात करीब साढ़े 10 बजे राजेन्द्र रवि की पुत्री चांदनी रवि 12 वर्ष, अपने मामा संजय रवि पिता रामनाथ रवि 20 वर्ष निवासी परसापारा डाडंकरवां के साथ बाइक से टिफिन पहुंचाने निकले।
इसी दौरान गोल्डी रवि पिता गुलाबचंद 12 वर्ष निवासी मदला कटगोड़ी, राजू रवि पिता रमेश 12 वर्ष निवासी मंहगई और टूकटूक 2 वर्ष जगमला भी उनके साथ बाइक पर सवार हो गए।
वे जैसे ही नावापारा स्थित श्रीजल स्टील के समीप पहुंचे बगल से निकली तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सभी डिवाइडर से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गये।
डिवाइडर के कारण लगी गंभीर चोट
आसपास के लोगों ने बताया कि अज्ञात वाहन की ठोकर के बाद बाइक निर्माणाधीन डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि डिवाइडर के पोल से टकराकर बाइक की हैंडल टूटकर अलग हो गई और बाइक में सवार सभी गंभीर रूप से घायल हो गये। इस दुर्घटना के बाद लोगों ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया और संजय रवि, गोल्डी रवि, टूकटूक रवि और चांदनी रवि की हालत गंभीर होने की वजह से उन्हें अम्बिकापुर रेफर किया गया।
यहां उपचार के दौरान गोल्डी रवि 12 वर्ष की मौत हो गई। घटना में घायल राजू को सूरजपुर में ही उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। जबकि संजय रवि की हालत चिंताजनक होने पर उसे उपचार हेतु रायपुर रेफर किया गया है।
छुट्टी में ननिहाल आये थे घूमने
नगर पालिका के मंगल भवन में रात की पाली में ड्यूटी करने वाले समूहकर्मी राजेन्द्र रवि ने अपने ससुराल से फोन कर खाने का टिफिन मंगाया था और सभी बच्चे टिफिन पहुंचाने निकले थे। दुर्घटना की खबर सुनने के बाद अस्पताल पहुंचे रोते-बिलखते परिजन ने बताया कि सभी बच्चे घर से यह बोलकर निकले थे कि आज मंगल भवन में ही सो जायेंगे।
परिजन को ऐसे हादसे की तो कल्पना ही नहीं थी। गोल्डी रवि तो हमेशा के लिए मंगल भवन पहुंचने से पहले ही सो गया। ये सभी बच्चे ग्रीष्म अवकाश में अपने ननिहाल घूमने आये थे।
शव पहुंचते ही ननिहाल में मचा कोहराम
दुर्घटना में मृत गोल्डी रवि पिता गुलाबचंद रवि वैसे तो मदला कटगोड़ी का रहने वाला था, लेकिन कुछ दिन से अपने नाना बेचन राम के यहां ही रहने लगा था। मंगलवार को शाम 4 बजे जैसे ही गोल्डी का शव सूरजपुर ननिहाल पहुंचा। वैसे ही यहां मातम छा गया। परिजन शव देखते ही बिलख-बिलखकर रोने लगे। गोल्डी का अंतिम संस्कार गृहग्राम मदला कटगोड़ी में किया जाएगा।