
सूरजपुर. भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कोविड के इस दौर में सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से सीएम असम के बोडो प्रत्याशियों की मेहमान नवाजी कर रहे हैं। सीएम व स्वास्थ्य मंत्री(Health Minister) की आपसी तालमेल नहीं है, सीएम का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है।
सूरजपुर भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष ने कहा है कि कोरोना काल में प्रदेश के मुख्यमंत्रीव स्वास्थ्य मंत्री की आपसी खींचतान का खामियाजा जनता भुगत रही है। कोरोना के चलते स्थिति विकराल होने के बावजूद सामूहिकता की ऐसी कमी है कि स्वास्थ्य मंत्री को ही भरोसे में नहीं लिया जा रहा है।
कोविड को लेकर होने वाली बैठकों से स्वास्थ्य मंत्री को ही दूर रखा जाता है। अग्रवाल ने कहा कि सीएम बघेल का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है। सरकार को प्रदेश के बिगड़ते हालात पर त्वरित निर्णय करना चाहिए।
जब स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए, छत्तीसगढ़ की जनता की चिंता करनी चाहिए तब प्रदेश सरकार असम से आए बोडो प्रत्याशियों के आवभगत में लगी है। सरकार उनकी मेहमाननवाजी कर रही है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि शराब के सेस का पैसा मुख्यमंत्री बघेल ने असम चुनाव में खर्च कर दिया है। कोविड काल में केंद्र सरकार द्वारा दी गई तमाम सहायता का क्या किया, इसका कोई हिसाब नहीं है।
जिले में एक साल से आकर पड़े वेंटीलेटर को खोल कर तक नहीं देखा गया, अब जब इतनी किल्लत हुई है तो कह रहे हैं कि वेंटीलेटर खराब है। क्या सालभर में प्रदेश सरकार उनकी मरम्मत भी नहीं करा सकती।
निगम के भवनों में कोविड सेंटर शुरू करने की पहल करें मेयर
इधर अंबिकापुर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष (BJP Municipal Board President) मधुसूदन शुक्ला ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कोविड काल में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। शुक्ला ने कहा है कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना काल में बिगड़ते हालात को संभालने में विफल रहे हैं।
वहीं अंबिकापुर के महापौर डॉ. अजय तिर्की(Mayor Dr. Ajay Tirkey) जो स्वयं चिकित्सक हैं, वे भी व्यवस्था सुधार की गुहार लगा रहे हैं, जबकि उन्हें नगर निगम के अनेक सर्वसुविधायुक्त भवन जो खाली पड़े हैं, उसमें सारी व्यवस्था उपलब्ध कराकर 100 बिस्तरीय कोविड सेंटर प्रारंभ करने की दिशा में काम करना चाहिए। आज प्रदेश में कोविड मरीजों को ऑक्सीजन से लेकर टेस्टिंग में देरी, कोविड सेंटरों में बेहतर सुविधा न मिल पाना प्रदेश सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री खुद मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण न कर टीम को भेजते हैं, जो उनकी गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है। जब गत वर्ष के अंतिम महीनों में केस कम हो रहे थे तो सरकार ने रायपुर में क्रिकेट (Cricket match) का आयोजन कर लोगों की जान से खिलवाड़ किया, जिसका नतीजा आज देखने को मिल रहा है।
शुक्ला ने प्रदेश सरकार से ऑक्सीजन, आईसीयू बेड की वृद्धि, सभी जिलों में वायरोलॉजी लैब की स्थापना, आरटीपीसीआर जांच में तेजी की मांग रखी है।