सुरजपुर

प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला को लेकर पहुंचे तो अस्पताल में लटका था ताला, फिर 2 घंटे झाडिय़ों में रखा सुलाकर

अस्पताल खुलने से पहले कहीं प्रसव न हो जाए इसलिए परिजनों ने ऐसा किया, प्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम केंवरा का मामला, नदारद था चिकित्सा दल

2 min read
Women in bushes

सूरजपुर/पोड़ी मोड़. स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा दल की अनुपस्थिति एवं लटकते ताले के कारण प्रसव पीड़ा से जूझती प्रसूता को लेकर परिजन को 3 घंटे तक परेशान होना पड़ा। इस दौरान परिजन द्वारा प्रसूता को प्रसव की संभावना के मद्देनजर दो घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर झाडिय़ों में जमीन पर सुलाकर रखा गया था। लंबे इंतजार के बाद नर्स व स्टाफ पहुंचे तब जाकर प्रसूता को भर्ती कराया गया।


शासन स्तर पर संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का प्रचार-प्रसार तो किया जाता है लेकिन जब ग्रामीण इसके लिए अस्पताल का रुख करते हैं तो उन्हें सुरक्षित प्रसव की वो सुविधाएं नहीं मिलती जो इस अवस्था में जरूरी होती है। बल्कि इसके विपरीत स्वास्थ्य केंद्र में लटकते मिल रहे ताले और नदारद स्वास्थ्य अमले से प्रसूता व परिजन को दोगुनी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें

कुएं में गिरा हाथी चिंघाड़ता रहा रातभर, ग्रामीणों ने बाहर निकलने में ऐसे की मदद- देखें Video

ऐसा ही एक मामला प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम केंवरा में सामने आया है। ग्राम केंवरा के घुटरापारा मोहल्ला निवासी चंद्रदेव राजवाड़े की पत्नी राधे राजवाड़े को मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे प्रसव पीड़ा हुई। इस पर परिजन प्रसूता को सुरक्षित प्रसव के लिए गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर भैसामुण्डा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर करीब 2 बजे पहुंच गए। लेकिन यहां तो ताला लटका हुआ था, स्वास्थ्य अमला भी नदारद था।

अस्पताल के बंद होने की वजह से परिजन परेशान हो गए। उन्होंने प्रसुता को स्वास्थ्य केंद्र के ही बाहर झाडिय़ों में रखा और स्वास्थ्य कर्मचारियों का इंतजार करने लगे। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों से मोबाइल पर लगातार संपर्क भी करने की कोशिश की लेकिन इस दौरान किसी से संपर्क नहीं हो सका। इधर प्रसूता की तकलीफ बढ़ती जा रही थी। करीब दो घंटे के इंतजार के बाद शाम लगभग ४ बजे नर्स व अन्य स्टाफ पहुंचे तब जाकर प्रसूता को भर्ती किया गया।


हमेशा बंद रहता स्वास्थ्य केंद्र
भैसामुण्डा, केंवरा, परमेश्वरपुर, हरिहरपुर, मटिगढ़ा, दवनकरा, गोंदा, सत्तीपारा, दूरती समेत अन्य ग्रामों का यह एकमात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन यहां का चिकित्सा दल हमेशा नदारद रहता है। अस्पताल खुलने और बंद होने का समय भी निर्धारित नहीं है। यहां की अव्यवस्था से ग्रामीण काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र कभी खुलता भी है तो स्टाफ नहीं बैठते हैं।


मामले की कराई जाएगी जांच
मंगलवार टीकाकरण दिवस होने के कारण स्टाफ नहीं मिले होंगे। फिर इस तरह के केस में सूचना मिलने पर चिकित्सा दल को तत्काल पहुंचना चाहिए था। मामले की जांच कराई जाएगी।
राजेश श्रेष्ठ, बीएमओ, प्रतापपुर

ये भी पढ़ें

बदमाशों की तरह टूट पड़े 2 खाकी वर्दी वाले, डंडे से बेदम पीटा और लूट लिए रुपए, एसपी ने दी ये सजा
Published on:
27 Feb 2018 08:52 pm
Also Read
View All