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अंबिकापुर. जब रक्षक ही भक्षक की भूमिका निभाने लगे तो इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। ऐसा ही काम लखनपुर थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक व आरक्षक ने किया। 22 फरवरी की रात उन्होंने बोलेरो चालक को रुकवाया। उसने गाड़ी भगा लिया तो पुलिसकर्मियों ने कार से उसका पीछा किया और रुकवा लिया। इसके बाद उन्होंने बोलेरो चालक की बेदम पिटाई की और उसके पास रहे 5 हजार रुपए लूट लिए।
इतने से भी बात नहीं बनी तो उन्होंने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उसके भाई से 50 हजार रुपए भी ऐंठ लिए। मारपीट में चालक की अंगुली भी टूट गई है। पीडि़तों की शिकायत पर आईपीएस एसपी सदानंद कुमार ने प्रधान आरक्षक व आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।
लखनपुर के वार्ड क्रमांक ४ निवासी रकीब खान ने आरोप लगाया है कि 22 फरवरी की रात करीब 10 बजे वह उदयपुर की ओर से बोलेरो वाहन से वापस घर की ओर आ रहा था। इसी दौरान महेशपुर मोड़ के पास एक सफेद रंग की आल्टो कार में सवार दो लोगों ने उसे रूकने के लिए इशारा किया। इस पर रकीब ने वाहन नहीं रोका तो कार सवारों ने पीछा कर ओवरेटक करते हुए उसे रूकवाया।
रकीब ने बताया कि जब कार सवार दोनों उतरे तब उसने उन्हें पहचाना। दोनों लखनपुर थाने के प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी व आरक्षक रविंद्र साहू थे। रकीब ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने डंडे से उसके कार का शीशा तोड़ दिया तथा उसके साथ मारपीट भी की। इससे उसकी बाएं हाथ की उंगली भी टूट गई है। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उससे 5 हजार रुपए भी लूट लिए।
पीडि़त द्वारा सोमवार को मामले की शिकायत एसपी से की गई। इस पर एसपी सदानंद कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करते हुए मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Published on:
26 Feb 2018 09:50 pm
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