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दुल्हन के दरवाजे पर डीजे की धुन पर नाच रहे थे बाराती, अचानक हुआ कुछ ऐसा कि बिना फेरे लिए लौटा दूल्हा

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के मरकाडांड़ के कदमपारा में आई थी बारात, बारातियों को लेकर चुपचाप लौट गया दूल्हा
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बलरामपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 25 Feb 2018, 9:11 PM IST

Child marriage

Police on the spot

राजपुर. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। कानून की जानकारी के अभाव में परिजन बिना बालिग हुए ही नाबालिगों का विवाह जल्दबाजी में कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में शनिवार की रात ग्राम मरकाडांड़ के कदमपारा में एक 17 साल की किशोरी की बारात आई थी। बाराती डीजे की धुन पर जमकर नाच रहे थे, परिवार वाले भी वैवाहिक कार्यक्रम में व्यस्त थे।

इसी दौरान बाल विवाह की सूचना पर एसडीएम द्वारा भेजी गई टीम ने वहां दबिश दे दी तो सभी के होश उड़ गए। टीम ने जब दस्तावेजों की जांच की तो किशोरी की उम्र १७ साल की निकली। फिर टीम ने जब दोनों पक्षों को बाल विवाह के अपराध होने व इसमें सजा के प्रावधान की जानकारी दी तो दुल्हे सहित पूरी बारात चुपचाप वापस लौट गई। इधर लड़की के परिजन ने भी बालिग होने पर ही विवाह करने की सहमति प्रदान की।


शनिवार की रात एसडीएम शिवकुमार बनर्जी को फोन पर जानकारी मिली कि ग्राम मरकाडांड़ के कदमपारा में एक किशोरी का बाल विवाह हो रहा है तथा बारात बस पहुंचने ही वाली है। इस पर एसडीएम ने रात लगभग 10 बजे महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी शांति कुजूर, नायब तहसीलदार संजय मिंज, एएसआई कल्पना निकुंज व अन्य पुलिसकर्मियों की संयुक्त टीम को गांव में भेजा।

गांव में पहुंची टीम ने देखा कि बारात आ गई थी और बाराती डीजे की धुन पर जमकर डांस कर रहे थे। टीम ने लड़की के घर पहुंचकर उसके दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि उसकी उम्र १७ वर्ष है तथा वह कक्षा आठवीं की छात्रा है। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों पक्ष के परिजन को समझाया कि लड़की की उम्र १८ वर्ष तथा लड़के की उम्र 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही शादी करें।

अगर बाल विवाह करेंगे तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा और इसमें सजा का भी प्रावधान है। अधिकारियों की समझाइश व कानून की जानकारी दिए जाने पर परिजन मान गए, फिर दुल्हे को बिना शादी के ही बारात सहित वापस लौटना पड़ा। इस तरह से प्रशासन की सक्रियता से ऐन वक्त पर बाल विवाह रुक गया।


एक सप्ताह में तीन बाल विवाह रोके
प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभी एक सप्ताह के भीतर तीन बाल विवाह रोके हैं। ग्राम धंधापुर के धान खरीदी केंद्र के पास किशोरी की शादी के लिए छेका कार्यक्रम चल रहा था, जिसे रोका गया। दूसरे मामले में ग्राम चौरा के चिटकाहीपारा में 16 वर्षीय किशोर की बारात तातापानी जाने वाली थी, टीम ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह रोका गया। शनिवार की रात मरकाडांड़ के कदमपारा में किशोरी का बाल विवाह रोक दिया गया।


परिजनों को दी गई समझाइश
ग्राम मरकाडांड़ के कदमपारा में एक किशोरी की शादी होने की जानकारी मिली थी। इस पर राजस्व, महिला बाल विकास व पुलिस की संयुक्त टीम को गांव में भेजकर बाल विवाह रोका गया। परिजन को समझाइश दी गई है कि लड़की की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही उसकी शादी करें।
शिवकुमार बनर्जी, एसडीएम, राजपुर