
सूरजुपर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिवरागुड़ी के सरनापारा में 12 जून की सुबह 2 बोरियों में भरकर फेंकी गई एक अज्ञात व्यक्ति की लाश मिली थी। पुलिस ने हत्या (Blind murder case solved) का मामला दर्ज कर जांच शुरु की थी। इसी बीच पुलिस ने 2 दिन पूर्व मृतक की पहचान कोरिया जिले के ग्राम चिरमी बचरापोड़ी निवासी के रूप में की। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि मृतक के बेटे ने ही 10 जून की रात उसकी हत्या की थी। फिर 11 जून की रात अपने मौसा व दोस्त के साथ मिलकर शव को सूरजपुर जिले के रामानुजनगर इलाके में फेंक दिया था। मृतक की पत्नी ने भी यह बात छिपाए रखा था। इस आधार पर पुलिस ने मां-बेटे समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिवरागुड़ी के सरनापारा में 12 जून की सुबह एक अज्ञात व्यक्ति की 2 बोरी में बंधी लाश मिली थी। सिर पर धारदार हथियार से वार (Brutal murder) के निशान थे। पुलिस ने मृतक की शिनाख्ती के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। इसके बाद उसकी शिनाख्त कोरिया जिले के बचरापोड़ी चौकी अंतर्गत ग्राम चिरमी परसापानी निवासी शिवप्रसाद सिंह 45 वर्ष के रूप में हुई।
शिनाख्त होने के बाद पुलिस उसके घर पहुंची तो कमरे में जगह-जगह पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने शक के आधार पर जब उसके बेटे अमृत लाल (Father murder case) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरु की तो उसने 10 जून की रात पिता की हत्या कर अपने मौसा व दोस्त के साथ शव को 2 बोरियों में भरकर फेंकने की बात स्वीकार की। इस हत्या में मां की भी सहमति की बात उसने बताई।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी पुत्र अमृतलाल सिंह 19 वर्ष, उसके मौसा ग्राम तिवरागुड़ी के पंडरीपानी निवासी हरवंश सिंह पिता जयनाथ सिंह 35 वर्ष, उसकी पत्नी बीरा बाई 37 वर्ष व दोस्त कोरिया जिले के ग्राम जटासेमर के महुआपारा निवासी कौशल सिंह उईके पिता मनबोध 19 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने चारों (Blind murder accused arrested) को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में एएसपी योगेश देवांगन व एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रामानुजनगर राजेन्द्र साहू, एएसआई बिशुनदेव पैकरा, प्रधान आरक्षक हेमंत सोनवानी, हितेश्वर राजवाडे, आरक्षक दीपक यादव, परदेशी चंद्रा व युवराज यादव शामिल रहे।
आरोपी पुत्र ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि पिता अक्सर उससे और उसकी मां से गाली-गलौज और मारपीट करता था। 10 जून को जब वह बकरी चराकर घर लौटा तो मां ने बताया कि पिता ने फिर उसके साथ मारपीट की है। इस पर वह गुस्सा हो गया और पिता को खरी-खोटी सुनाई। फिर उसने पिता की हत्या (Father murder plan) का प्लान बनाया।
रात करीब 7 बजे पिता कमरे में सोने चला गया। फिर उसने पिता के सोने का इंतजार किया और गहरी नींद आते ही वह टांगी लेकर पहुंचा और पिता के सिर पर टांगी और लोढ़ा से वार कर हत्या कर दी। इसकी जानकारी उसने मां को सुबह दी। इसके बाद मां-बेटे ने गोबर से कमरे में रहे खून के धब्बों की लिपाई कर दी थी।
आरोपी ने बताया कि फिर उसने अपने मौसा हरवंश को फोन कर यह बात बताई तो उसने रात में आने की बात कही। रात में वह बाइक लेकर पहुंचा। इसके बाद दोनों ने 2 बोरी में उसका शव भरा और रामानुजनगर के तिवरागुड़ी डेम में फेंकने का प्लान बनाया। फिर पड़ोसी की बाइक मांगकर दोनों शव (Dead body tied in sacks) लेकर निकले।
रास्ते में कीचड़ की वजह से बाइक फंस गई तो उसने अपने दोस्त कौशल उइके को यह कहते हुए बाइक लेकर बुलाया कि मौसा के साथ धान बीज ले जाने के दौरान बाइक खराब हो गई है। जब दोस्त पहुंचा तो पिता की हत्या (Father murdered by son) की बात बताई। इसके बाद तीनों शव लेकर निकल गए। उसने बताया कि तिवरागुड़ी डेम के पास टॉर्च की रोशनी आने पर उन्होंने सरनपारा स्थित बिजली खंभे के पास शव रख दिया और फरार हो गए।