पिछले सप्ताहभर के भीतर नगर के दो युवकों की पीलिया से जा चुकी है जान, प्रशासन भी बना हुआ है मूकदर्शक
बिश्रामपुर. सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में पीलिया बीमारी फैल रही है, अब तक इस बीमारी से दो युवकों की जान जा चुकी है। लेकिन जिम्मेदार प्रशासन का ठेलों व होटलों में बिक रहे खराब खाद्य सामग्री व एसईसीएल प्रबंधन का दूषित पेयजल सप्लाई पर ध्यान नहीं गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व डीएमक्यू कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय पपिंदर सिंह उर्फ गुल्लू का पीलिया बीमारी के कारण लीवर फेल होने से निधन हो गया था। इसी बीच शुक्रवार को नगर के एक और युवा ने पीलिया से दम तोड़ दिया। जीएम बंगला के समीप लकड़ापारा निवासी दिलहरन यादव का 33 वर्षीय पुत्र विक्रांत यादव बीते कुछ दिनों से पीलिया से ग्रसित था।
उसका इलाज दो दिन से अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, शुक्रवार की दोपहर लीवर फेल होने से उसका भी निधन हो गया। उसका अंतिम संस्कार शनिवार को गमगीन माहौल में रिहन्द नदी के तट पर किया गया। वह अपने पीछे दो मासूम बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
पीलिया बीमारी क्षेत्र में तेजी से फैल रही है, लेकिन जिम्मेदार मौन बैठे हैं। नगर के होटलों व चौपाटी में लगने वाले ठेलों पर बिक रही खराब खाद्य सामग्रियों की जांच खाद्य विभाग ने लंबे समय से नहीं की है। इसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
जलापूर्ति में निर्धारित मापदंडों की अनदेखी
बिश्रामपुर एसईसीएल क्षेत्र में स्थित फिल्टर प्लांट से क्षेत्र के 2200 मकान में जलापूर्ति की जा रही है। फिल्टर प्लांट में स्वच्छता के मापदंडों की अनदेखी करते हुए लम्बे समय से नदी के दूषित व मटमैले बरसाती पानी की आपूर्ति आवासों में की जा रही है। प्लांट में एकत्रित जल से दूषित पानी को बाहर निकालने के लिए उपकरण में लगाए गए वाल्व लंबे समय से खराब पड़े हैं।
इस कारण नदी का दूषित जल स्वच्छ नहीं हो पा रहा है और गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। इससे लोग पीलिया जैसी जानलेवा बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
पानी उबालकर पीएं, बाहरी खाने से बचें
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रशांत सिंह ने बताया कि पीलिया बीमारी होने के दो प्रमुख कारण गंदा पानी व बाहरी खाना, जैसे-चौपाटी, होटल में खुली खराब खाद्य सामग्रियों का सेवन। डॉ. प्रशांत ने बताया कि लोगों को इस बीमारी से बचने के लिए हमेशा पानी उबालकर पीना चाहिए। साथ ही कोशिश करनी चाहिए कि बाहरी खाने से परहेज करें।