ड्राइवर व क्लीनर को लोगों की मदद से निकाला गया बाहर, जिला प्रशासन की उदासीनता आम आदमी के लिए बनी मुसीबत, बड़े हादसे का है इंतजार
केरता. प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग स्थित महान नदी रपटा पर ओव्हर फ्लो के बीच जान जोखिम में डालकर लोग वाहन पार कर रहे हैं। इस दौरान वहां कोई मनाकरने वाला भी नहीं हैं। खतरे के संबंध में आगाह किए जाने के बावजूद जिला प्रशासन उदासीन रवैया बनाये हुए है। इसी बीच सोमवार की शाम एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब कोयले से लदा ट्रक पानी की तेज धार के बीच रपटा पार करने लगा।
इससे ट्रक वहीं फंस गया। स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक के अंदर फंसे ड्राइवर सहित २ अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। रात में ट्रक नदी में गिर गया। इतने खतरे के बावजूद न तो प्रशासन द्वारा लोगों को रोकने और न ही मोटर बोट को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है।
गौरतलब है कि प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग पर महान नदी का पुल 2 साल पहले बह गया था। सूरजपुर कलक्टर की पहल पर यहां रपटा निर्माण तो हुआ लेकिन बारिश के दिनों में पानी ऊपर से बहरे के कारण रोज इस मार्ग पर आवागमन बाधित रहता है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पिछले कुछ दिनों से रपटा पर यही स्थिति बनी हुई है। सबसे खतरनाक स्थिति उस समय होती है जब रपटा के ऊपर कई फिट पानी होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर पैदल या वाहनों से इसे पार करने का प्रयास करते हैं। इस चक्कर में कई लोग महान नदी में बहते बहते बचे हैं। इतना खतरा होने के बावजूद जिला प्रशासन उदासीन रवैया अपनाए हुए है।
प्रशासन को यहां किसी बड़े हादसे का इंतजार है। ऐसे ही एक मामले में सोमवार की शाम महान नदी में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब रपटा से पर होते हुए एक ट्रक नदी के बीच फंस गया। रात को उक्त ट्रक डिवाइडर को तोड़ते हुए नदी में खिलौने की तरह गिर गया।
फंसे ड्राइवर-क्लीनर को निकाला बाहर
जब ट्रक नदी में गिरने वाला था तो उसमें ड्रायवर समेत 3 लोग उसमें सवार थे। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। न तो ऐसे लोगों को वहां मना करने वाला कोई है और न ही लोग खुद इसके प्रति जागरुक हो रहे हैं।
मोटर बोट की मांग
महान नदी में बाढ़ आने की स्थिति में आवागमन सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए क्षेत्र के लोग कई बार प्रशासन से मोटर बोट की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई है। बोट नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जल्द ही बोट उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन से की है।