
सूरजपुर.रिश्ते की 11 वर्षीय भतीजी को घर में अकेला देखकर एक वर्ष पूर्व चाचा घुस आया। इसके बाद उसने बदनीयती से बालिका से छेड़छाड़ शुरू कर दी। रोने-चिल्लाने पर चाचा अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाया और मौके से फरार हो गया था। जब बालिका के परिजन घर पहुंचे तो उसने रो-रोकर उन्हें चाचा की करतूत बताई। घटना के बाद परिजन तत्काल बेटी को लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। गुरुवार को मामले की सुनवाई सूरजपुर स्थित पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मरावी द्वारा की गई। न्यायालय ने आरोपी चाचा को 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
सूरजपुर जिले के भटगांव थानांतर्गत ग्राम अनरोखा के बांधपारा में एक वर्ष पूर्व घर में अकेली रही 11 वर्षीय बालिका के साथ बदनियती से छेडख़ानी करने का मामला सामने आया था। इसके अनुसार 11 वर्षीय बालिका जनवरी 2017 में घर में अकेली थी। उसके माता-पिता व अन्य सदस्य बाहर गए थे। इसी बीच परिजनों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए रिश्ते में लगने वाला 40 वर्षीय चाचा बालेश्वर पाटिल ने भतीजी पर नीयत खराब करते हुए बलपूर्वक छेड़छाड़ करने का घिनौना कृत्य किया था।
विरोध करने व रोने-चिल्लाने पर चाचा वहां से फरार हो गया। घटना की जानकारी परिजनों के घर लौटने पर 11 वर्षीय बालिका ने दी थी। इसके बाद परिजन अपनी बेटी को लेकर भटगांव थाने पहुंचे और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी चाचा बालेश्वर पाटिल के विरूद्ध धारा 456, 354 तथा पाक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए 6 जनवरी 2017 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस प्रकरण की सुनवाई पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत में अपर सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मेरावी ने की और आरोप साबित होने के बाद आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।