सूरत

दिल्ली मेट्रो में निवेश का झांसा, दो साल में 4 करोड़ की ठगी

अडाजण के कारोबारी ने क्राइम ब्रांच में दर्ज करवाई शिकायत

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Sep 09, 2018
दिल्ली मेट्रो में निवेश का झांसा, दो साल में 4 करोड़ की ठगी

सूरत. एक ठग गिरोह ने अडाजण के एक कारोबारी को दिल्ली मेट्रो ट्रेन में निवेश का झांसा देकर दो साल में उससे ३.९५ करोड़ रुपए ऐंठ लिए और बाद में मोबाइल फोन बंद कर दिए। कारोबारी की शिकायत पर क्राइम ब्रांच की साइबर सैल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पुलिस निरीक्षक पी.एल.चौधरी ने बताया कि अडाजण में नारद शेरी निवासी कलर कॉन्ट्रेक्टर भावेश अमृत पटेल की मौसी सास के मोबाइल पर अप्रेल २०१६ में रोहन शर्मा नाम के व्यक्ति का कॉल आया। उसने अपनी पहचान एलआइसी ऑफ इंडिया के कर्मचारी के रूप में दी। मौसी सास ने भावेश से बात करने के लिए कहा तो उसने भावेश को कॉल किया। उसने बताया कि आपकी एलआइसी पॉलिसी पूरी हो गई है। आप पॉलिसी विड्रो करने के बदले निवेश करेंगे तो अधिक फायदा होगा। उसने बताया कि दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) में निवेश पर बहुत मुनाफा होगा। यह जनभागीदारी का प्रोजेक्ट है। बड़े निवेश के लिए कई लुभावने प्रस्ताव दिए गए। उसने इ-मेल के जरिए फॉर्म और प्रोसेस के लिए विभिन्न तरह के फर्जी दस्तावेज भेजे। फिर निवेश, फाइल चार्ज, अकाउंट मैपिंग चार्ज, जीएसटी, सरचार्ज, प्रोसेस चार्ज आदि के बहाने समय-समय पर ३ करोड़ ९५ लाख ९७ हजार ६३३ रुपए ले लिए।

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इनमें से २ करोड़ ८३ लाख १९ हजार ९२९ रुपए आरटीजीएस के जरिए और एक करोड़ १२ लाख ६७ हजार ७०४ रुपए निजी आंगडिय़ा पेढ़ी के मार्फत भेजे गए। लेकिन जब विभिन्न बहानों से और रुपए की मांग की जाने लगी तो भावेश को संदेह हुआ। उसने रुपए वापस मांगने शुरू किए तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया। इस पर उसने अडाजण थाने में लिखित शिकायत दी। पूछताछ के बाद अडाजण पुलिस ने मामला क्राइम ब्रांच को रैफर कर दिया। क्राइम ब्रांच ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की।


आरबीआइ गवर्नर समेत कई विभागों के फर्जी दस्तावेज भेजे


ठग गिरोह ने भावेश का भरोसा हासिल करने के लिए उसे आरबीआइ के गवर्नर उर्जित पटेल का फर्जी हस्ताक्षरित इ-लेटर, दिल्ली मेट्रो रेलवे कॉपरपोरेशन के प्रिंसीपल एडवाइजर इ.श्रीधरन के फर्जी हस्ताक्षर और सील वाला पत्र, आरबीआइ, आयकर विभाग, भारत सरकार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की दिल्ली शाखा के फर्जी दस्तावेज तैयार कर इ-मेल पर भेजे थे।


सोलह जनों को किया नामजद


पुलिस ने बताया कि रोहन के अलावा पंद्रह जनों ने अलग-अलग मोबाइल नम्बर से खुद को विभिन्न महकमों के अधिकारी और कर्मचारी बता कर भावेश से बात की। इनमें रामनिवास पांडे, राजीव शुक्ला, मुकेश मल्होत्रा (आइआरडीए), रूपेश श्रीवास्तव (फंड ट्रांसफर मैनेजर), रीटा अग्रवाल, राम स्वरूप शर्मा, मनीष मल्होत्रा (आइएफआरडी), रामस्वरूप शर्मा (आईआरएस), संतोष महात्रे (आयकर अधिकारी), सतेन्द्र मीना (आयकर अधिकारी), ए.के. सिन्हा (एसबीआइ प्रंबधक), रवि अग्रवाल, विनय मदान, अजीत भट्टाचार्य शामिल हैं।

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Published on:
09 Sept 2018 10:34 pm
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