सूरत

बच्ची कौन है, कहां की है और किसने हत्या की, तीन हफ्ते बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी

वडोद-जीयाव रोड पर मिला था बच्ची का शव, मारपीट के 22 से ज्यादा निशान थेअब तक की जांच-पड़ताल में कोई ठोस सुराग नहीं मिला, अब ह्युमन इंटेलिजेंस पर फोकस करेगी पुलिस

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Aug 30, 2018
बच्ची कौन है, कहां की है और किसने हत्या की, तीन हफ्ते बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी

सूरत. तीन सप्ताह पहले वडोद-जीयाव रोड पर झाडिय़ों में मिले तीन साल की मासूम बच्ची के शव और उसके हत्यारों को लेकर शहर पुलिस दिशाविहीन है। पुलिस को अब तक वैसी कोई कामयाबी नहीं मिली है, जैसी अप्रेल में इसी क्षेत्र में एक अन्य बालिका और एक महिला के शव के मामले में मिली थी।

उस दौरान दो सप्ताह से अधिक समय तक विभिन्न दिशाओं में हाथ-पैर मारने की बाद पुलिस को घटनास्थल से काफी दूर लगे सीसीटीवी कैमरे में एक कार की हेड लाइट की हल्की रोशनी दिखी थी। उसी को ट्रैक करते हुए पुलिस ने बालिका और उसकी मां के दोहरे हत्याकांड का राज फाश कर राजस्थान से अभियुक्तों धर दबोचा था।

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इसके ेबाद पुलिस ने डिंडोली क्षेत्र में बरामद एक महिला और उसके बच्चे के शव की गुत्थी भी सुलझाई, लेकिन तीन साल की इस बच्ची के मामले में अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास सक्रिय मिले मोबाइल फोन की भी पड़ताल की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस ने पोस्टमार्टम के समय बच्ची के डीएनए सैम्पल सुरक्षित करवाए थे, ताकि जरूरत पडऩे पर उसकी पुख्ता शिनाख्त की जा सके।
सूत्रों का कहना है कि इस बालिका की हत्या के पीछे पुलिस को उसके किसी परिजन की लिप्तता की आशंका है। पुलिस का अनुमान है कार्रवाई के डर से परिजन सामने नहीं आना चाहते। ऐसे में पुलिस को ह्युमन इंटेलिजेंस से मदद मिलने की उम्मीद है।

कई मामलों में अपराधी के किसी करीबी को उसकी जानकारी होती है। उसके साथ रिश्ते अच्छे होने पर वह सामने नहीं आता, लेकिन जब उनके रिश्तों में कड़वाहट आती है तो अपराध का खुलासा हो जाता है।


यह था मामला


पिछली ७ अगस्त को वडोद-जीयाव रोड पर प्राइम प्वॉइंट के निकट तीन साल की बच्ची का शव बरामद हुआ था। पीला टॉप और गुलाबी केप्री पहने इस बच्ची के शरीर पर मारपीट के २२ से अधिक निशान पाए गए थे। प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों ने बच्ची की मौत शव बरामद होने से चौबीस घंटे पहले सिर पर अंदरूनी चोट लगने से होने का खुलासा किया था।

पुलिस ने शरीर पर मिले निशानों और सिर पर चोट से मौत के कारण बच्ची को प्रताडि़त कर उसकी हत्या किए जाने की आशंका के तहत मामला दर्ज किया था। साथ ही, सबूत मिटाने के इरादे से उसका शव झाडिय़ों में फेंकने की आशंका के तहत अन्य धाराएं भी शामिल की गई थीं।
हजारों घरों और लोगों से पूछताछ
पांडेसरा पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की डीसीबी, पीसीबी और एसओजी समेत अन्य थानों के दर्जनों जवानों ने मृत बालिका की शिनाख्त के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस ने पैम्पलेट तैयार करवाए तथा फ्रेंड ऑफ पुलिस (एफओपी) की मदद से निकटवर्ती वडोद, जीयाव, पांडेसरा, बमरोली, भेस्तान, डिंडोली, सचिन, उधना आदि इलाकों में घर-घर जाकर पूछताछ करवाई।

इन इलाकों में सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर भी लगवाए गए। पुलिस ने पिछले दिनों सूरत शहर और जिले से लापता हुई बच्चियों का डाटा खंगाला। इलाके की नर्सरी स्कूलों और किराए पर मकान दिलवाने वाले दलालों, प्रोपर्टी डीलरों से पूछताछ की। बच्ची के शरीर पर एंग्री बर्ड के चित्र वाले कपड़े नए लग रहे थे। आम तौर पर ऐसे कपड़े फुटपाथ पर बेेचे जाते हैं। कपड़े हत्या के समय ही खरीदे जाने की आशंका को लेकर पुलिस ने इन इलाकों में फुटपाथ पर कपड़े बेचने वालों से भी पूछताछ की, लेकिन बालिका की शिनाख्त को लेकर कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया।


नकद इनाम की घोषणा भी बेअसर


एक राजनीतिक संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों ने बच्ची की शिनाख्त में मदद करने वाले या उसके हत्यारे का सुराग देने वाले को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी। अपने कार्यकर्ताओं की मदद से उन्होंने सोशल मीडिया पर बच्ची के शव की फोटो और पुलिस द्वारा जारी जानकारी वायरल की थी। शहर पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा ने बच्ची की शिनाख्त में मदद के लिए लोगों से अपील की थी तथा उनकी पहचान गुप्त रखने का भरोसा दिया था। अपील और इनाम की घोषणा के बाद भी बच्ची की जानकारी देने कोई सामने नहीं आया।


फैक्ट फाइल


पुलिस ने १०० से अधिक वाहनों की पड़ताल की, जो घटनास्थल तक पहुंचने के रास्तों पर चौबीस घंटो के दौरान सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए थे।
१२५ से अधिक नर्सरी स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, मनपा स्कूलों में पूछताछ की गई।
फुटपाथ और फुटकर दुकानों के १०० से अधिक कपड़ा विक्रेताओं से पूछताछ।
५० से अधिक प्रोपर्टी डीलरों, किराए पर मकान दिलवाने वाले दलालों से संपर्क किया गया।
८ राज्यों की पुलिस को फोटो सहित बालिका की जानकारी भेजी।
दस हजार से अधिक घरों में पूछताछ की गई।

सभी पहलुओं पर गौर
इस मामले में सभी पहलुओं पर गौर करने के प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हमारे प्रयास जारी हैं।
आर.आर. सरवैया, सहायक पुलिस आयुक्त, क्राइम ब्रांच

जांच जारी
कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। जांच जारी है। हम ह्युमन इंटेलिजेंस पर फोकस कर रहे हैं। उम्मीद है, कोई सुराग मिलेगा।
के.बी. झाला, थाना प्रभारी, पांडेसरा

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Published on:
30 Aug 2018 01:20 pm
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