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अहमदनगर से ईरानी गैंग के दो शातिरों को धर दबोचा

पुलिसकर्मी बता कर गहने पार करने की आधा दर्जन घटनाओं का भेद खुला

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अहमदनगर से ईरानी गैंग के दो शातिरों को धर दबोचा

सूरत. खुद को पुलिसकर्मी बता कर गहने और कीमती सामान उड़ाने की घटनाओं में लिप्त दो शातिरों को क्राइम ब्रांच ने अहमदनगर से गिरफ्तार कर पिछले दिनों उमरा तथा अडाजण क्षेत्र में हुई आधा दर्जन घटनाओं का भेद उजागर किया है।


क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के श्रीरामपुर निवासी सलीम ईरानी (41) और उसका साथी राज ईरानी (36) अपने साथियों लोनी पुणे निवासी डंबर जाफरी तथा जफर ईरानी के साथ पिछले चार साल से सूरत में सक्रिय थे। वह समय-समय पर शहर में आते थे और गहने तथा कीमती सामान उड़ा कर फरार हो जाते थे।

पिछले दिनों उमरा और अडाजण में हुई घटनाओं को लेकर कुछ स्थानों से उनके सीसीटीवी फुटेज मिले थे। इनके आधार पर उनकी खोजबीन शुरू की गई। उप निरीक्षक एम.जी. पाटिल को उनके अहमदनगर में होने की जानकारी मिलने पर एक टीम अहमदनगर भेजी गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने २०१५ से अब तक अडाजण थाना क्षेत्र में तीन और उमरा थाना क्षेत्र में तीन घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया है।


ऐसे उड़ाते थे कीमती सामान


पुलिस के मुताबिक ईरानी गिरोह के लोग अधिकतर वृद्ध महिलाओं को निशाना बनाते थे। वह उन्हें अपनी पहचान पुलिसकर्मी के रूप में देकर उनका भरोसा हासिल करते थे। आगे चोर-लुटेरे सक्रिय होने की बात बता कर उनके गहने उतरवा लेते थे।

गहने रूमाल में बांधने या पर्स में रखने में मदद करने के दौरान बड़ी सफाई से चुरा लेते थे और फरार हो जाते थे। बैंक में रुपए जमा करवाने या निकालने जा रहे लोगों को भी लह पुलिस की तरह चैक करने का झांसा देकर उनके रुपए पार कर देते थे।


कई राज्यों में सक्रिय थे


पुलिस ने बताया कि सलीम १७ साल से सक्रिय है। वह पहली बार २००१ में अहमदनगर में पकड़ा गया था। उसके बाद औरंगाबाद, नासिक, पुणे और दिल्ली में पकड़ा गया था। राज चार साल से सक्रिय था। वह २०१२ अहमदनगर में चरस के साथ पकड़ा गया था।

उसके बाद औरंगाबाद, पुणे और दिल्ली में अलग-अलग मामलों में पकड़ा गया। दोनों ने पिछले दिनों नासिक में पुलिस का स्वांग रच कर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देना भी कबूल किया है।