जिले की तीनों पालिकाओं पर भाजपा के प्रमुख, पारडी में चलेगी मिली-जुली सरकार
वलसाड . जिले की पारडी नगर पालिका ने प्रमुख और उप प्रमुख का टॉस से फैसला कर सोमवार को इतिहास रच दिया। यह पहला मौका है जब पालिका में विपक्ष नहीं होगा। धुर विरोधी भाजपा और कांग्रेस मिलकर बोर्ड चलाएंगे। पर्ची से हुए फैसले के मुताबिक प्रमुख पद भाजपा और उप प्रमुख कांग्रेस के हिस्से गया है। दोनों पक्षों ने यहां आम सहमति से बोर्ड चलाने की बात कही है। उधर, जिले की वलसाड और धरमपुर दोनों पालिकाओं पर भाजपा का कब्जा है और दोनों जगह पालिका के प्रमुख चुने गए।
पारडी नगर पालिका के लिए हुए चुनाव में दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस के 14-14 पार्षद चुने गए थे। उसके बाद से ही दोनों पक्षों में पालिका बोर्ड पर काबिज होने के लिए घमासान मचा हुआ था। संख्या बल या मतदान से कोई रास्ता निकलता नहीं दिखा तो पर्ची निकाल पर प्रमुख और उप प्रमुख पदों का फैसला किया गया। प्रमुख पद के लिए भाजपा के हिस्से की पर्ची निकलने पर पार्टी ने फाल्गुनी राजन भट्ट को इस पद पर बिठाने का निर्णय किया। उप प्रमुख पद के लिए निकाली गई पर्ची में कांग्रेस की लॉटरी निकली और इस पद पर बिपिन पटेल का नाम तय हुआ। दोनों पक्षों ने सदन को सहमति से चलाने पर सहमति जताई।
पहली बार विपक्ष साफ
पारडी नगर पालिका के इतिहास में यह पहला मौका है, जब प्रमुख और उप प्रमुख पद पर दो धुर विरोधी दलों के नेताओं को बिठाया गया है। पहली बार बोर्ड में कोई विपक्ष नहीं होगा। इसका असर यह होगा कि सामान्य सभा में होने वाले हंगामे इस बार नहीं होंगे। साथ ही दोनों ही दल लोगों के बीच जाकर अपनी उपलब्धियों को ढिंढोरा पीटेंगे। यही नहीं लोगों की नाराजगी का ठीकरा भी दोनों पक्ष एक-दूसरे पर फोड़ेंगे। पिछले बोर्ड में पारडी नगर पालिका पर भाजपा का कब्जा था।
असली लड़ाई समितियों पर
अगर यह फिल्म का ट्रेलर है तो पूरी फिल्म वाकई दिलचस्प बनने जा रही है। सत्ता की मलाई का असली बंटवारा समितियों के गठन के दौरान होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रमुख और उप प्रमुख पद पर फैसला होने के बाद बनी सहमति समितियों के गठन में भी कायम रहती है या नहीं। पालिका प्रशासन के लिए भी समितियों का गठन चुनौती से कम नहीं। एक सवाल यह भी है कि समितियों का गठन दोनों पक्षों की आम सहमति से हो जाएगा या फिर इसके लिए भी फैसला पर्चियां निकालकर होगा।