
सूरत. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की शनिवार को शहर प्रशासन को दी व्यवस्थाओं पर अमल होता दिख रहा है। रविवार को हुई हीरा कारोबारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद हीरा बाजार और हीरा कारखानों के खुलने को लेकर संशय हट गया। अब नौ जुलाई तक हीरा बाजार और हीरा कारखाने 13 जुलाई तक बंद रहेंगे। इन्हें लेकर मनपा प्रशासन एसओपी तैयार कर रहा है, जिस पर हीरा उद्यमियों को अमल सुनिश्चित कराना होगा।
मनपा प्रशासन के साथ ही स्वास्थ्य सचिव जयंति रवि ने अनलॉक 1.0 के बाद शहर में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के लिए हीरा कारोबारियों को जिम्मेदार ठहराया था। हीरा कारखानों में संक्रमितों के मिलने का सिलसिला बढ़ा तो मनपा प्रशासन ने हीरा कारखानों को बंद कराने की कार्रवाई शुरू की थी। संक्रमण ज्यादा बढऩे पर संबंधित इलाकों को क्लस्टर करना शुरू किया, जिसकी चपेट में कई हीरा बाजार आए थे। बाद में शहर के हीरा बाजारों और हीरा कारखानों को बंद कर दिया गया था।
बंद कराए गए हीरा कारखानों और हीरा बाजारों को इसी सप्ताह खोला जाना था। इसी बीच शनिवार को सूरत आए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानाणी को हीरा उद्यमियों के साथ बातचीत कर स्थिति समझने के लिए कहा था। उन्होंने इस बातचीत की रिपोर्ट भी सरकार को देने की हिदायत दी थी। रविवार को हुई बातचीत के बाद इस पर सहमति बनी कि हीरा उद्यमी कारखाने और बाजार खुलने के बाद मनपा की तय एसओपी पर अमल सुनिश्चित कराएंगे। कानाणी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने हीरा बाजार नौ जुलाई और कारखाने 13 जुलाई के बाद खोलने के निर्देश दिए। राज्य सरकार के निर्देश पर मनपा प्रशासन ने इस आशय का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिसके बाद हीरा कारखानों और हीरा बाजार के खुलने का रास्ता साफ हो गया।
तैयार हो रही गाइडलाइन
हीरा बाजार और हीरा कारखानों के लिए मनपा प्रशासन नए सिरे से गाइडलाइन तैयार कर रहा है। हीरा बाजार के लिए 24 घंटे और कारखानों के लिए 48 घंटे में गाइडलाइन तैयार कर रिलीज करने की बात कही गई है। हीरा उद्यमियों को इन गाइडलाइन पर अमल करना होगा। जानकारों के मुताबिक इस बार फिर अमल में लापरवाही हुई तो हीरा उद्योग को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।