दिव्यांग सशक्तीकरण मंत्रालय के मुख्य आयुक्त ने की योजनाओं की समीक्षा
दमण. सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय भारत सरकार दिव्यांग सशक्तीकरण के मुख्य आयुक्त डॉ.कमलेश कुमार पाण्डेय ने दमण-दीव के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मोटी दमण सचिवालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सलाहकार एस.एस.यादव, पर्यटन सचिव पूजा जैन, जिला कलक्टर संदीप कुमार सहित अन्य विभागों के मुख्य अधिकारी उपस्थित थे। दिव्यांगों के लिए चल रहे कार्यों और योजनाओं से जिला प्रशासन ने अवगत कराया। समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्य आयुक्त डॉ.कमलेश कुमार पाण्डेय ने मीडिया को बताया कि दमण छोटा होने के कारण यहां दिव्यांग सशक्तीकरण का निदेशक, आयुक्त और स्टेट सेक्रेटरी भी कलक्टर होता है।
दमण-दीव में कुल 2196 दिव्यांग
आयुक्त को स्वतंत्र रखा जाना चाहिए तथा उनको पूरा स्टाफ भी देना चाहिए ताकि वे दिव्यांगों के लिए निचले स्तर पर कार्य कर सकें। इसके लिए आइएएस नहीं तो समाज से भी किसी व्यक्ति को मानदेय पर रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के लिए स्टेट में अनेक कानून हों जिससे उनकी सहायता की जा सके। दमण-दीव में कुल 2196 दिव्यांग हंै, जिसमें से 1799 को प्रमाणपत्र दिए गए हैं। इसके साथ भारत सरकार द्रारा यूआइडीसी कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिसमें एक कार्ड से भारत में कहीं भी लाभ ले सकते हैं।
दमण दीव में भी कार्ड बनाने का कार्य जल्द शुरू होगा
राजस्थान और मध्यप्रदेश में कार्ड बनाए जा चुके हैं और दमण दीव में भी यह कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां दिव्यांगों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, ताकि उनको रोजगार मिल सके। यहां दिव्यांगों के लिए मेडिकल बोर्ड के बैठने का दिन भी निर्धारित नहीं है वह भी एक दिन निश्चित होना चाहिए। यहां 40 से 80 प्रतिशत तक के दिव्यांग व्यक्ति को एक हजार रुपए प्रतिमाह मिलता है और 80 प्रतिशत से अधिक वाले व्यक्ति को दो हजार रुपए प्रतिमाह मिलते हैं जो ठीक है। मुख्य आयुक्त के आने से दिव्यांगों की मंद पड़ी योजनाओं को नई गति मिलेगी।