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गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना विफल

6 हजार का लक्ष्य, बने सिर्फ 128 घर
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सूरत

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Sunil Mishra

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Updated: 28 Aug 2018, 10:23 PM IST

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गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना विफल


सिलवासा. गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह असफल साबित हो रही है। प्रदेश के गांवों में वर्षभर में 6 हजार लाभार्थियों को पक्केघर देने का लक्ष्य था, जिसमें महज 128 ही बन सके हैं। जो घर बने हैं, वे भी परिपूर्ण नहीं हैं। बनाए गए घरों में कइयों की लिपाई-पुताई अधूरी है तथा खिड़कियों के दरवाजे भी नहीं हैं। मानसून में छत से भी पानी गिरने की शिकायत मिल रही है। जिला पंचायत की प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आयोजित बैठक में यह बात उजागर हुई। बैठक में कुल 128 लाभार्थियों को घर प्रदान की सूची सौपी गई।
जिला पंचायत की जिला ग्रामीण विकास एजेंसी 6 हजार मकानों का निर्माण कर रही है, लेकिन तैयार एक भी नहीं हुआ है। दमणगंगा के दूसरे छोर बसे दपाड़ा से लेकर आंबोली, खेरड़ी, रूदाना, मांदोनी, सिंदोनी, दुधनी, कौंचा ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत लोग कच्चे घरों में रहते हैं। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना दूर-दूर तक दिखाई नहीं देती। गत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हजार गरीब आदिवासियों को घर देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन योजना कागजी साबित हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को तीन लाख रुपए का अनुदान मिलता है, जिसमेंं 1.30 लाख रुपए केन्द्र सरकार देती है। केन्द्र सरकार ने साल 2022 तक सभी गरीबों को घर देने का लक्ष्य रखा है, लेकिन यही स्थिति रही तो लक्ष्य हासिल करने में वर्षों लग सकते हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष रमण काकवा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मिशन गरीब लोगों के लिए है। जिला पंचायत ने गरीबों को घर देने के लिए सर्वे रिपोर्ट पहले सौंप दी है।

भीमपोर पंचायत में राशन कार्ड पर दिया मार्गदर्शन
दमण. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा दमण के भीमपोर ग्राम पंचायत में राशन कार्ड जागरुकता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव पूजा जैन एवं उपसचिव हरमिंदर सिंह ने राशन कार्ड के बारे में जानकारी दी। इस जागरुकता अभियान में 150 से 200 लाभार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव पूजा जैन ने बताया कि संघ प्रदेश दमण-दीव में 1 नवम्बर 2015 को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट 2013 लागू किया गया है। इस योजना में दो प्रकार के राशन कार्ड हैं। इसमें पहला पीएचएच एवं दूसरा एएवाय शामिल हैं। इसके तहत राशनकार्ड धारकों को हर महीने 2.200 किलोग्राम प्रति व्यक्ति चावल 3 रुपए प्रति किलो की दर और 2.800 किलोग्राम प्रति व्यक्ति गेहूं 2 रुपए प्रति किलो की दर से दिया जा रहा है। अन्त्योदय अन्न योजना में प्रति राशन कार्ड पर 35 किलो अनाज हर महीने लाभार्थी को दिया जा रहा है। इसमें 33 किलो चावल 3 रुपए की दर से और 2 किलो गेहूं 2 रुपए की दर से दिया जा रहा है। इसके साथ ही अनाज से जुडी अन्य जानकारी भी लाभार्थियों को दी गई।

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