- मामला फीस का हो या छुट्टियों का, यहां सरकार की नहीं चलती- निजी स्कूल संचालक मंडल ने की 21 दिन के अवकाश की घोषणा
सूरत.
मामला फीस का हो या छुट्टियों का, लगता है कि निजी स्कूल सरकार के नियमों से मुक्त हैं। उन पर सरकार की एक नहीं चलती। फीस नियामक समिति (एफआरसी) की ओर से फीस तय करने के बावजूद ज्यादातर स्कूल मनमानी फीस वसूल रहे हैं तो त्योहारी छुट्टियों को लेकर भी टकराव के रास्ते पर हैं। सरकार की ओर से 10 से 18 अक्टूबर तक नवरात्रि अवकाश की घोषणा के बावजूद निजी स्कूल इस दौरान खुले रहे थे। अब निजी स्कूल संचालक मंडल ने 5 से 25 नवम्बर तक दीपावली अवकाश की घोषणा कर दी है, जबकि शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक यह अवकाश 5 से 18 नवम्बर तक रहेंगे। यानी सरकारी स्कूलों के मुकाबले दीपावली पर निजी स्कूल सात दिन ज्यादा बंद रहेंगे।
नवरात्रि अवकाश को शैक्षणिक कैलेंडर में शामिल किए जाने का निजी स्कूलों ने विरोध किया था। शहर के निजी स्कूल संचालक मंडल ने इसका पालन नहीं करने की घोषणा की थी। सरकार ने आदेश का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी, लेकिन निजी स्कूल फैसले पर अड़े रहे और नवरात्रि अवकाश नहीं रखा। शहर में 400 से ज्यादा निजी स्कूल नवरात्रि के दौरान खुले रहे। सरकारी आदेश के उल्लंघन को लेकर स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंडल में ४०० से ज्यादा स्कूल शामिल
शहर के 400 से ज्यादा निजी स्कूल 5 से २५ नवम्बर तक बंद रहेंगे, जबकि सरकार ने 5 से 18 नवम्बर तक दीपावली अवकाश की घोषणा की थी और 19 नवम्बर से स्कूल खोलने का आदेश दिया था। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई 19 नवम्बर से बहाल हो जाएगी, लेकिन निजी स्कूल 26 नवम्बर को खुलेंगे।
निजी स्कूलों ने आदेश का पालन नहीं किया
नवरात्रि वेकेशन का शहर के 400 से अधिक निजी स्कूलों विरोध कर रहे हंै। सरकार ने वेकेशन को लेकर सख्त आदेश दिया, लेकिन निजी स्कूलों ने आदेश का पालन नहीं किया। स्कूलों की तरफ से एसएमएस कर विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया। वेकेशन के बावजूद इन स्कूलों में पढ़ाई जारी है। ऐसे स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस भेजा था कि वेकेशन के बावजूद स्कूल क्यों खुले रखे गए हैं। इसका जवाब दो दिन में मांगा गया था, लेकिन अब तक शहर के किसी निजी स्कूल ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कहना है कि इस मामले में सरकार के आदेश का इंतजार हो रहा है। सरकार जैसा आदेश देगी, उसी के अनुसार स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सरकार की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने से निजी स्कूल संचालक नवरात्रि में एक भी दिन स्कूल बंद रखने के मूड में नहीं हैं।
शिक्षा विभाग ने नोटिस देना शुरू कर दिया
नवरात्र अवकाश नहीं देने वाले स्कूलों को अब शिक्षा विभाग ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से शहर के 350 से अधिक स्कूलों को आदेश का उल्लंघन करने पर नोटिस भेजा गया है। स्कूलों को इसका जवाब दो दिनों में देना होगा।
सरकार और शहर के निजी स्कूलों के बीच नवरात्र अवकाश को लेकर विवाद चल रहा है। निजी स्कूलों ने सरकार के आदेश की धज्जियां उड़ा दी हैं। ज्यादातर निजी स्कूलों ने नवरात्र अवकाश रखने के आदेश का पालन नहीं किया है। अवकाश के आदेश का पालन हो रहा है या नहीं, इस पर नजर रखने का जिम्मा जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया था। अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने दो दिनों बाद कार्रवाई करना शुरू किया है। कार्रवाई के नाम पर नोटिस दिए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से शहर के 350 से अधिक निजी स्कूलों को नोटिस भेजे गए हैं। इसमें उल्लेख है कि सरकार की ओर से अवकाश घोषित होने के बावजूद स्कूल क्यों खुले रखे गए। इसका जवाब दो दिनों के अंदर दिया जाए। पहले से ही निजी स्कूलों ने मान रखा था कि स्कूल खुले रखने पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने वाली है। सरकार की ओर से मात्र नोटिस भेजा जाएगा। इसका जवाब सरकार को दे दिया जाएगा।