एक स्कूल ने एक छात्र को कक्षा की जगह दिनभर लाइब्रेरी में बैठाए रखा
सूरत. स्कूलों में फीस का विवाद थम नहीं रहा है। सोमवार को वेसू की एल.पी.सवाणी स्कूल में फीस के मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। फीस जमा नहीं होने पर स्कूल प्रशासन नेे विद्यार्थियों को स्कूल से निलंबित कर दिया। स्कूल के इस कदम के खिलाफ अभिभावकों ने जमकर हंगामा मचाया।
फीस जमा नहीं करने वाले अभिभावकों और विद्यार्थियों के खिलाफ स्कूल कड़े कदम उठाने लगे हंै। एल.पी.सवाणी स्कूल ने सोमवार को कई विद्यार्थियों को निलंबित कर दिया। इनके अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की थी। जैसे ही अभिभावकों को इस मामले की जानकारी मिली, वह स्कूल पहुंच गए। उन्होंने परिसर में जमकर हंगामा मचाया और विरोध प्रदर्शन किया। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों के बीच देर तक हंगामा चलता रहा। अभिभावक स्कूल से जाने के लिए तैयार नहीं थे। प्रशासन अभिभावकों से बात करने को तैयार नहीं था। बाद में अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच समझौता हुआ। अभिभावकों से अदालत के आदेशानुसार फीस जमा करने की जिम्मेदारी लेने का शपथपत्र लिखवाया गया। शहर की कई स्कूलों में बच्चों को निकालने और आगे की कक्षा में प्रमोट नहीं करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में जिला शिक्षा अधिकारी और एफआरसी की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी और एफआरसी के ढीले रवैए से अभिभावकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
यहां कक्षा के बदले लाइब्रेरी में बैठाए रखा
फीस नहीं भरने पर सोमवार को एक स्कूल ने एक छात्र को कक्षा की जगह दिनभर लाइब्रेरी में बैठाए रखा। एस्सार इंटरनेशन स्कूल के खिलाफ छात्र के अभिभावक ने पुलिस में शिकायत की है। अभिभावक का आरोप है कि उनके बच्चे को स्कूल प्रशासन ने पूरा दिन लाइब्रेरी में बैठाए रखा। फीस जमा नहीं करने पर स्कूल ने बच्चे को मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। छात्र को ऊपरी कक्षा में प्रमोट भी नहीं किया गया। इस मामले में अभिभावक ने स्कूल के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी से भी शिकायत की है।