सूरत

लापरवाही ऐसी कि बच्चों की जान पर बन आए

बिग बाजार से खरीदे गए बिस्कुट निकले एक्सपायरी डेट के, वन विभाग के अधिकारी ने कलक्टर और खाद्य विभाग से की शिकायत, स्कूली बच्चों के लिए खरीदे गए थे बिस्कुट के 274 जार

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Aug 31, 2018
लापरवाही ऐसी कि बच्चों की जान पर बन आए

भरुच. वन विभाग अंकलेश्वर की ओर से स्कूली विद्यार्थियों के लिए भरुच के बिग बाजार से बिस्कुट खरीदे गए थे जिसमें कुछ बिस्कुट के जार एक्सपायरी डेट के पाए गए। इस मामले में वन विभाग के अधिकारी जितेन्द्र गांधी ने जिला कलक्टर रवि कुमार अरोरा के साथ फूड व ड्रग विभाग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

वन महोत्सव के आयोजन में भाग लेने वाले विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं को नास्ता और चॉकलेट दिया जाता है। अंकलेश्वर वन विभाग की ओर से विद्यार्थियों के लिए भरुच के बिग बाजार से बिस्कुट का जार खरीदा गया था जिसमें से कई जार एक्सपायरी डेट के पाए गए। वन विभाग के अधिकारी जितेन्द्र गांधी ने कलक्टर व फूड ड्रग विभाग से की गई शिकायत में कहा कि २२ जुलाई को बिग बाजार से टेस्टी ट्रीट बिस्कुट के 274 जार की खरीदी की गई थी।

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कुछ जार वन विभाग को वापस मिले थे। इन जारों के बिस्कुट की जब जांच की गई तो ये पूरी तरह से गुणवत्ता विहीन थे और कई जारों एक्सपायरी डेट वाले पाए गए थे। इस बारे में बिग बाजार में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। कस्टमर केयर से भी कोई संतोषजनक जवाब इस बारे में नहीं दिया गया। वन विभाग के अधिकारी जितेन्द्र गांधी ने कलक्टर और संबंधित विभाग से बिग बाजार के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस बारे में बिग बाजार के अधिकारियो ने कुछ बताने से इनकार दिया।

‘स्पर्श’ स्कीम पर हुआ जागरुकता कार्यक्रम

दमण. संघ प्रदेश दमण एवं दीव प्रशासन के श्रम विभाग द्वारा दमण के औद्योगिक इकाइयों के कामगारों, घरेलू नौकरों और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों तथा कमजोर तबके के लोगों को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा दिलाने के लिए प्रशासन ने स्पर्श नामक योजना बनाई है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए संघ प्रदेश प्रशासन द्वारा कडैया, मरवड, भीमपोर एवं दुनेठा गु्रप ग्राम पंचायतों में जागरुकता कार्यक्रम चलाया गया। दमण समाहर्ता एवं श्रमायुक्त संदीप कुमार सिंह की अगुवाई में जागरुकता कार्यक्रम कडैया ग्रुप ग्राम पंचायत से हुआ। समाहर्ता ने स्पर्श स्कीम वाले आवासों का न्यूनतम क्षेत्रफल 325 वर्ग मीटर होगा। साथ ही प्रत्येक आवास में दो हवादार कमरों के साथ रसोईघर एवं शौचालय की सुविधा होगी। इसका लक्ष्य औद्योगिक एवं अन्य कामगारों को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है।

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Published on:
31 Aug 2018 08:36 pm
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