सूरत

….नहीं तो पलायन कर जाएगा सूरत का कपड़ा उद्योग

कई कपड़ा उद्यमियों ने महाराष्ट्र के नवापुर में अपने कारखाने शुरू कर दिए

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Nov 24, 2018
....नहीं तो पलायन कर जाएगा सूरत का कपड़ा उद्योग

सूरत
सूरत का कपड़ा उद्योग इन दिनों भयानक मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार वहां के कपड़ा उद्यमियों को लगातार नई राहतें दे रही है। यदि गुजरात सरकार ने सूरत के कपड़ा उद्यमियों को राहत नहीं दी तो सूरत के कपड़ा उद्यमी महाराष्ट्र में शिफ्ट हो जाएगें। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में सूरत बहुत कम कीमत पर बिजली मिलने के कारण पहले से ही सूरत के कई कपड़ा उद्यमियों ने महाराष्ट्र के नवापुर में अपने कारखाने शुरू कर दिए हैं। यहां के उद्यमी पिछले एक साल से टैक्सटाइल पॉलिसी में बिजली दर घटाने और ब्याज सब्सिडी पांच से सात प्रतिशत करने सहित टफ योजना का बैकलोग क्लीयर करने की मांग कर रहे हैं। यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो सूरत से कपड़ा उद्योग का पलायन होने का भय है। इससे लाखों लोगों की रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। इस सिलसिले में चैम्बर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधिमंडल गांधीनगर में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मिला और सूरत के उद्योग को बचाना हो तो बिजली दर कम करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने उन्हें उचित निर्णय का आश्वासन दिया। इसके अलावा अब फोगवा के सदस्यों ने महाराष्ट्र की तर्ज पर साढे तीन रूपए यूनिट के हिसाब से बिजली देने, कपड़ा उद्यमियों के लिए पांच से सात प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, पुराने पावर लूम के आधुनिकीकरण के लिए 25 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी, वीविंग यूनिट के निर्माण के लिए नए निर्माणकार्य पर 350 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट सब्सिडी की मांग भी ई-मेल के माध्यम से की हैै।

जॉबवर्क भी नहीं और श्रमिक भी नहीं, चिंतित हैं प्रोसेसर
कपड़ा उद्योग में दिवाली वेकेशन लंबा रहने की आशंका सत्य साबित हो रही है। लूम्स कारखानों के साथ डाइंग प्रोसेसिंग यूनिट भी अभी पूर्ण तौर से नहीं खुल सके। डाइंग प्रोसेसिंग इकाइयों में सिर्फ 30 प्रतिशत जॉबवर्क मिलने से प्रोसेसर्स निराश हैं। उनका कहना है कि अभी दो सप्ताह और लग सकता है।
दिवाली वेकेशन के बाद कपड़ा बाजार, लूम्स कारखाने और डाइंग प्रोसेसिंग यूनिट शुरू तो हो चुके हैं लेकिन अभी भी व्यापार का माहौल नहीं जम पा रहा। लूम्स संचालकों और डाइंग प्रोसेसर्स के लिए परिस्थिति सबसे ज्यादा विषम हैं। क्योंकि दिवाली के पहले भी इन्हें 80 प्रतिशत जॉबवर्क पर ही काम चलाना पड़ रहा था। दिवाली के बाद उन्हें लग्नसरा के ऑर्डर मिलने की आशा थी, लेकिन अभी तक वह किसी कारण से नहीं शुरू हो सका है। पांडेसरा,सचिन, कडोदरा सहित कई क्षेत्रों के लूम्स यूनिट सोमवार से शुरू हो गए लेकिन अभी तक श्रमिकों के अभाव और जॉबवर्क नहीं होने के कारण पूर्ण तौर पर नहीं शुरू हो सके हैं।

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Published on:
24 Nov 2018 08:58 pm
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