दमकल कर्मियों ने रस्सी तथा ऑक्सीजन मास्क की मदद से तीनों के शव निकाले
सूरत.
पारले प्वॉइन्ट सरगम शॉपिंग सेन्टर के पास रोड पर बुधवार शाम को ड्रेनेज लाइन का कार्य करने के दौरान हुए हादसे में तीन जनों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में कोताही उजागर हुई है। तीनों लोग बगैर सुरक्षा उपकरणों के सफाई करने उतरे थे और हादसे का शिकार हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दमकल दस्ते ने तीनों के शव बाहर निकाले और न्यू सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए।
न्यू सिविल अस्पताल और दमकल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सरगम शॉपिंग सेन्टर के सामने मल्हार कॉम्प्लेक्स इच्छानाथ पंपिंग स्टेशन के पास मनपा के ठेकेदार ड्रेनेज लाइन का कार्य कर रहे थे। दोपहर तीन बजे एक मजदूर राजू विजय डांगी (४०) ड्रेनेज चैम्बर में उतर कर कार्य कर रहा था। उसके बाहर नहीं आने पर पुत्र सुनील राजू डांगी (१९) घबरा गया और उसे देखने के लिए वह भी ड्रेनेज चैम्बर में उतरा। वह भी बाहर नहीं निकला। इसके बाद कॉन्ट्रक्टर कालू उर्फ कांति कनु बाबरिया (४५) भी उनको देखने के लिए ड्रेनेज चैम्बर में उतर गया। ड्रेनेज चैम्बर में निकली गैस के कारण दम घुटने से तीनों अंदर ही बेहोश होकर गिर गए थे। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जवानों ने ड्रेनेज चैम्बर में उतर कर रस्सी के सहारे उनको बाहर निकाला। दमकल जवानों ने चैम्बर में जाने से पहले ऑक्सीजन मास्क पहन लिया था। इन तीनों को बाहर निकालने के बाद न्यू सिविल अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने ट्रोमा सेंटर में जांच के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर उमरा पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई और शव के पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।
सुरक्षा के आधुनिक साधनों का अभाव
मृतक राजू के बड़े भाई कलसिंह ने बताया कि सर्दी के समय से वह लोग मनपा में कॉन्ट्रेक्टर के पास ड्रेनेज लाइन में कार्य कर रहे थे। वह मूल रूप से दाहोद जिले का निवासी है। कालू के पास बारह मजदूर कार्य करते हंै। घटना की जानकारी मिलने पर सभी मौके पर पहुंच गए थे। दमकल विभाग के जवानों ने तीनों को बाहर निकाला। मजदूरों ने बताया कि कॉन्ट्रेक्टर की ओर से उनको कोई सुरक्षा के आधुनिक साधन नहीं दिए गए हैं। मृतक राजू का पुत्र सुनील उसी के साथ काम करता था। उसको एक भाई और तीन बहनें हैं।
ऑक्सीजन मास्क पहनना जरूरी- दमकल विभाग
दमकल विभाग के अधिकारी बोरसे ने बताया कि ड्रेनेज चैम्बर में कार्य करने वालों के लिए ऑक्सीजन मास्क पहनना जरूरी होता है। मनपा के इस ड्रेनेज चैम्बर की गहराई करीब 35 फीट है। इसमें अंदर जाने के बाद गंदा पानी व गैस के कारण दम घुटने की आशंका बनी रहती है। दमकल विभाग मनपा के कॉन्ट्रेक्टरों को मॉक ड्रिल करके भी कार्य की पद्धति बता उनकी मदद कर सकते हैं। घटना की जानकारी मिलने पर चीफ फायर ऑफिसर वसंत परीक भी मौके पर पहुंच गए थे।
मौके से दो अन्य ठेकेदार फरार
ड्रेनेज चैम्बर में हुए इस हादसे में समय रहते सावधानी बरती जाती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। चैम्बर में सिर्फ राजू कार्य करने के लिए उतरा था। उसके बाहर नहीं निकलने पर पुत्र सुनील भी नीचे उतर गया। इसके बाद जब वह दोनों नहीं बाहर आए तो कॉन्ट्रेक्टर ने भी नीचे जाकर मामला जानने की कोशिश की और उसकी भी मौत हो गई। मौके पर मौजूद अन्य दो कॉन्ट्रेक्टर नरेश मूलजी राठौड़ और निलेश वहां से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों से सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके मोबाइल बंद हैं।
पुलिस अधिकारी पहुंचे अस्पताल
घटना के बाद डीसीपी, एसीपी समेत पुलिस अधिकारियों का दल न्यू सिविल अस्पताल पहुंच गया। न्यू सिविल अस्पताल में एसीपी पी. एस. परमार ने बताया कि ड्रेनेज लाइन में गैस के कारण दम घुटने से तीन जनों की मौत हुई है। उमरा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जवाबदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीसीपी विधि चौधरी ने बताया कि ड्रेनेज लाइन चैम्बर में तीन जनों की मौत के संदर्भ में जांच की जा रही है। इसमें लापरवाही सामने आएगी तो ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।