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12 साल की उम्र में गुरुवार को दीक्षा लेगा हीरा कारोबारी का बेटा, इसी उम्र में बेटी भी ले चुकी है संन्यास

गुजरात के सूरत में एक हीरा कारोबारी का बेटा गुरुवार को सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास के रास्ते पर चलना शुरू करेगा।

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नई दिल्ली। गुजरात के सूरत में एक हीरा कारोबारी का बेटा गुरुवार को सांसारिक जीवन त्याग कर संन्यास के रास्ते पर चलना शुरू करेगा। खास बात यह है कि ऐसा करने वाले भव्य शाह की उम्र महज 12 साल है। सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले भव्य ने कहा कि उन्हें ईश्वर के बताए रास्ते पर चलने में खुशी है। वहीं उनके कारोबारी पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने भी महज 12 साल की उम्र में ही दीक्षा ली थी और अब बेटे के ऐसा करने से उनका परिवार बेहद खुश है।

पिता के दोस्त ने भेजी फरारी
सांसारिक जीवन त्यागने से पहले भव्य ने अपने परिजनों से अंतिम मुलाकात की थी। भव्य के शौक को देखते हुए उनके पिता दीपेश शाह के दोस्त जयेश देसाई ने एक स्पेशल फरारी भेजी थी। आपको बता दें कि तमाम सुखों को छोड़कर वैराग्य के मार्ग पर जाने वाले भव्य को गाड़ियों और परफ्यूम्स का काफी शौक था। लेकिन दीक्षा ग्रहण करने के बाद उन्हें सिर्फ पैदल ही चलना होगा। दीपेश का कहना है कि भव्य पिछले डेढ़ साल से उनके गुरूजी के पास रह रहा था और उसे पता है वो जिस राह पर जा रहा है वहां कितनी कठिनाइयां हैं।

बहन ने भी इसी उम्र में ली थी दीक्षा
शाह परिवार में बेटे से पहले बेटी भी इस मार्ग को अपना चुकी है। चार साल पहले भव्य की बहन प्रियांशी ने भी महज 12 साल की उम्र में ही दीक्षा ली थी। अब भव्य ने भी अपनी बहन की तरह सांसारिक मोह को त्याग दिया है। आपको बता दें कि जैन समुदाय में दीक्षा ग्रहण करने के बाद वैराग्य का मार्ग अपनाया जाता है। त्याग, तपस्या और समर्पण का यह मार्ग बेहद कठिनाइयों भरा और मुश्किल परीक्षा लेने वाला होता है। इससे पहले भी छोटी उम्र में संन्यासी बनने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

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