
सूरत. सूरत आयकर विभाग की डीआई विंग ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में पहली कार्रवाई की शुरुआत करते हुए मंगलवार को शहर के एक बिल्डर और 15 बिटकॉइन करेंसी निवेशकों के यहां छापा मारा। कार्रवाई देर रात तक जारी रही। जांच में बड़े पैमाने पर दस्तावेज मिले। बड़ी टैक्स चोरी पकड़े जाने के आसार हैं।
सूत्रों के अनुसार डीआई विंग की टीम ने सुबह सूरत, राजकोट, अहमदाबाद के 100 से अधिक आयकर अधिकारियों और वड़ोदरा की पुलिस टीम के साथ डुंभाल में प्रोजेक्ट शुरू करने वाले एक बड़े बिल्डर के चार पार्टनर, उनसे जुड़े सीए और एजेंट के 25 ठिकानों तथा 15 बिटकॉइन करेंसी निवेशकों के यहां कार्रवाई शुरू की।
बिल्डर के प्रोजेक्ट डुंभाल, वेसू, पीपलोद तथा अन्य कई क्षेत्रों में चल रहे हैं। आयकर अधिकारियों ने इन सभी को जांच के दायरे में ले लिया। अधिकारियों ने महिधरपुरा, वराछा, भागल, कतारगाम, सुमुल डेयरी रोड तथा अडाजण क्षेत्र में बिटकॉइन निवेशकों के यहां छापेमारी की। बिटकॉइन निवेशकों ने निवेश करने के बाद हुए लाभ पर टैक्स चुकाया या नहीं, आयकर विभाग इसकी जांच कर रहा है।
आईडीएस के बाद भी छापा
आयकर विभाग ने डुंभाल में प्रोजेक्ट शुरू करने वाले जिस बिल्डर पर कार्रवाई की, उसने केन्द्र सरकार की स्वैच्छिक आय घोषणा योजना में लगभग 20 करोड़ रुपए का डिस्क्लोजर किया था। इसके पहले एक अन्य बिल्डर के यहां छापामारी में इस बिल्डर के कुछ दस्तावेज मिलने पर उसने 40 करोड़ रुपए का डिस्क्लोजर किया था।
टीडीएस नहीं भरने वाली दो पार्टियों पर कार्रवाई
आयकर विभाग ने सूरत में दो स्थानों पर कार्रवाई की। आयकर विभाग की टीडीएस रेंज ने पिछले दिनों कई स्थानों पर रिकवरी सर्वे कर करोड़ों रुपए की टैक्स वसूली की थी। सोमवार को बमरोली रोड पर रोड कॉन्ट्रेकटर तथा पवन चक्की कॉन्ट्रेक्टर पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की गई। बताया जा रहा है कि विभाग ने पिछले साल की अपेक्षा इस साल कम टीडीएस भरने वालों की सूची बना रखी है। उन्होंने टैक्स कम क्यों भरा, इस बारे में जांच की जा रही है।