सूरत

परिस्थितियों से मुकाबला ही जिंदगी का लक्ष्य

लव यू लाइफ कार्यक्रमबदनामी, अपकीर्ति, अपयश, दोष, ताने, चिंता आदि जीवन के हिस्से
2 min read
• •
Sep 27, 2018
patrika
परिस्थितियों से मुकाबला ही जिंदगी का लक्ष्य


सिलवासा. मनुष्य जीवों में सबसे अधिक बुद्धिजीवी प्राणी है। समाज में रहते हुए मनुष्य को कई बार यश और कीर्ति मिलती है, तो कई बार बदनामी, दोष, ताने, चिंता का अपयश झेलना पड़ता है। सुख-दुख जीवन के दो पहिए हैं, जिस पर इंसान को डटकर संघर्ष करने की जरूरत है।
लायंस क्लब ऑफ सिलवासा द्वारा आयोजित लव यू लाइफ कार्यक्रम में अध्यक्ष पिंकी खिमनाणी ने यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उद्योगपति अतुल शाह, चन्द्रकांत काथावाला, ब्रह्मकुमारीज विश्वविद्यालय की प्रमुख सुरेखाबेन, आर्ट ऑफ लिविंग से आशा देसाई, पंकज शर्मा, थाना प्रभारी केबी महाजन, गायनेकॉलोजिस्ट डॉ. नूतन बर्वे, मनोचिकित्सक डॉ. पर्वतराज तांबड़े, जयेश सेठ, देवेन्द्र सिंह, विनोद राज अमेरिया, मनीष गोडसे आदि ने हिस्सा लिया।

दादरा नगर हवेली में खुदकुशी की बढ़ती घटनाएं चिंता का सबब
उद्योगपति डॉ. बर्वे ने कहा कि संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली में खुदकुशी की बढ़ती घटनाएं वाकई चिंता का सबब बन गई हैं। देश में आत्महत्या के 10 प्रतिशत मामले हैं, वहीं दानह में यह 24.5 प्रतिशत है। पहले आत्महत्या के मामले गांवों में कम पढ़े, अशिक्षित लोगों में सुनने को मिलते थे, अब पढ़े लिखे, बुद्धिजीवी लोग भी खुदकुशी करने में तनिक भी देर नहीं करते। गांवों में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। आशा देसाई ने कहा कि जिदंगी समाप्त कर लेने के बाद परिजन और समाज को अतिरिक्त दुख भोगना पड़ा है। सुरेखाबेन ने बताया कि मनुष्य जीवन अमूल्य है, परिस्थितियों से मुकाबला जीवन का लक्ष्य है। जीवन की असली परीक्षा परिस्थितियों से डटकर सामना करना है। कार्यक्रम में उद्योगपतियों ने भी विचार प्रस्तुत किए।

महाप्रसाद खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी, हडक़म्प
वलसाड. जिले के कपराड़ा में गणपति विसर्जन के बाद रविवार को गांव में आयोजित महाप्रसाद खाने के बाद 60 से ज्यादा लोगों को पेट में दर्द और उल्टी होने लगी। बीमार हुए लोगों को सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। घटना से गांव में हडक़म्प मच गया। डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
कपराड़ा तहसील के पोटण गांव में विसर्जन करने के बाद लौटने पर लोगों के लिए महाप्रसाद का आयोजन किया गया था। इसमें पूरे गांव के लोगों ने खाना खाया था। रात में लोगों की तबीयत बिगडऩे लगी और पेट में दर्द शुरू हो गया। उल्टी होने पर गांव में हडक़म्प मच गया और 60-70 लोगों को पास के सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। इसकी सूचना मिलते ही कपराड़ा पीएचसी के डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंच गई और लोगों का इलाज शुरू कर दिया। इसकी खबर मिलने के बाद मेडिकल आफिसर ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली और जरूरी सूचना दी। अन्य डॉक्टरों की टीम भी पहुंच गई और संजीवनी वैन को भी मौके पर तैनात कर दिया गया है। सामूहिक आरोग्य केन्द्र के डॉक्टर ने बताया कि महाप्रसाद के खाने में कुछ ऐसा आ गया होगा, जिससे लोगों की तबीयत खराब हो गई। हालांकि सभी प्रभावित लोगों की तबीयत सुधर रही है।

Updated on:
27 Sept 2018 06:20 pm
Published on:
27 Sept 2018 06:20 pm