सूरत

नदी-तालाब किनारे उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

हजारों करबद्ध हाथों ने किया सूर्यदेव को नमन
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Nov 13, 2018
patrika
नदी-तालाब किनारे उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

सूरत. कार्तिक शुक्ल षष्ठी के मौके पर मंगलवार शाम नभमंडल में लालिमा फैलाते हुए अस्ताचलगामी सूर्यदेव को श्रद्धाभाव के साथ करबद्ध नमन करने के लिए सूरत समेत दक्षिण गुजरात में छठ महापर्व के व्रतियों व श्रद्धालुओं का कई स्थानों पर सैलाब उमड़ा। सूर्यपुत्री तापी नदी के वेडरोड के पास वियर-कम-कॉजवे, जहांगीरपुरा में इस्कॉन मंदिर घाट, नानपुरा में नावड़ी घाट, पार्ले पोइंट पर अंबिकानिकेतन घाट के अलावा डिंडोली में छठ सरोवर, कराड़वा गांव के तालाब किनारे हजारों श्रद्धालु मंगलवार को संध्याकाल में मौजूद रहकर सूर्यदेव को नमन किए। इस दौरान सभी स्थलों पर मेले का माहौल नजर आया।
उत्तर भारतीयों के लोकपर्व छठ पूजा की शुरुआत रविवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ की गई थी और सोमवार शाम खरना की पूजा के बाद व्रतियों ने 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। रविवार से शुरू हुए छठ पर्व के तीसरे दिन भगवान दिनकर को अस्तवेला में अघ्र्य देने की परंपरा है वहीं, श्रद्धालु बुधवार को उदयीमान सूर्य को अघ्र्य देंगे। इसके साथ ही व्रतियों के 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारणा भी होगा। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाए जाने वाले छठ पर्व की लोक पंरपरा सूरत शहर में मंगलवार को वेडरोड के पास वियर-कम-कॉजवे, जहांगीरपुरा में इस्कॉन मंदिर घाट, नानपुरा में नावड़ी घाट, पार्ले पोइंट पर अंबिकानिकेतन घाट के अलावा डिंडोली में छठ सरोवर, कराड़वा गांव के तालाब किनारे तथा नहरों के पास खूब देखने को मिली। सभी पूजा स्थलों पर शाम चार बजे के बाद श्रद्धालुओं का हुजूम जमा हो गया और पूजा सामग्री के साथ सभी जहां जगह मिली वहां सपरिवार जम गए। इसके बाद पूजा का लम्बा दौर शुरू हुआ और मौजूद महिलाओं ने छठी मइया के भक्तिगीत गाते हुए पूजा की। वहीं, इस अवसर पर पूजा एवं अस्ताचलगामी सूर्य के दर्शन करने पहुंचे लोगों ने भी व्रतियों की पूजा सामग्री को अघ्र्य अर्पित कर मइया से खुशहाली की कामना की। सूर्यास्त वेला में घाट पर मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़ शीश झुकाया।


नदी में पानी का अभाव


नानपुरा में तापी नदी के नावड़ी घाट पर श्रीछठ पूजा सेवा समिति की ओर से व्रतियों व श्रद्धालुओं के लिए छठ पूजा की व्यवस्था की गई मगर नदी में पानी के अभाव में श्रद्धालुओं को दूर से ही पूजा करनी पड़ी और सूर्यदेव को अघ्र्य देना पड़ा। हालांकि इस दौरान घाट पर चारों तरफ व्रती व श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। यहां बच्चों ने आतिशबाजी व मेले का भी आनंद उठाया।


वियर-कम-कॉजवे पर लम्बी कतार


वेडरोड क्षेत्र में तापी नदी पर बने वियर-कम-कॉजवे के किनारे पर मंगलवार अपराह्न बाद से ही छठ पूजा के व्रतियों व अन्य श्रद्धालुओं की लम्बी कतार लगी। वहीं, पूजा में सहयोगी बनने के लिए बिहार विकास मंडल के सैकड़ों कार्यकर्ता भी यहां पर सक्रिय रहे। पूजा के लिए यहां पर आयोजक मंडल की ओर से किनारे पर वेदियां भी बनाई गई, जहां व्रती व श्रद्धालुओं ने छठी मैया को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

Published on:
13 Nov 2018 07:26 pm