प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई
सूरत. गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 9 से 11 में एनसीइआरटी किताबों को अनिवार्य किया है। इसके अंतर्गत 23 अप्रेल से 27 अप्रेल तक गांधीनगर में शिक्षकों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें उपस्थित नहीं होने वाले शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण में शिक्षकों के जीन्स और टी-शर्ट पहनने पर रोक लगाई गई है।
गुजरात बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 से कक्षा 9 से 11 तक में सीबीएसइ पाठ्यक्रम लागू करने का निर्णय किया है। इसके तहत गुजरात बोर्ड के स्कूलों में अब एनसीइआरटी की किताबों से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। गुजरात बोर्ड ने नए शैक्षणिक सत्र 2018-19 में कक्षा 9 और 10 के साथ विज्ञान प्रवाह कक्षा 11वीं के सभी मुख्य विषय भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान , रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी की पढ़ाई एनसीईआरटी की किताबों से करवाई जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को एनसीइआरटी की किताब पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सभी स्कूलों को अपने शिक्षकों के नाम की सूची शिक्षा विभाग को भेजने का आदेश दिया था। प्रशिक्षण शिविर का जिम्मा एसटीटीआइ को सौंपा गया है। 23 अप्रेल से 27 अप्रेल तक गांधीनगर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। इसमें सभी शिक्षकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आदेश जारी किया गया है। शिक्षकों को अपने साथ किताबें भी लाने को कहा गया है। प्रशिक्षण शिविर में जीन्स और टी-शर्ट पहनने पर रोक लगाई गई है। सेकेण्डरी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की ओर से प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित होने के दिशा निर्देश दिए गए हैं।
एफआरसी ने स्कूलों की फीस की सूची जारी की
एफआरसी ने शुक्रवार को फिर से स्कूलों की फीस की सूची जारी की है। इसमें तापी से लेकर वलसाड तक की स्कूलों के नाम हैं। एफआरसी की ओर से तय की फीस के अनुसार ही अब इन स्कूलों को फीस वसूलनी होगी।
एफआरसी अब धीरे-धीरे स्कूलों की सूची जारी करने लगा है। कुछ दिनों पहले एफआरसी ने 57 स्कूलों के नाम जारी किए थे। शुक्रवार को जारी सूची में नर्मदा, तापी, नवसारी, वलसाड और सूरत की कई स्कूलों के नाम और उनकी फीस शामिल है। इसमें कई सीबीएसई स्कूलों के नाम भी हैं। यह वही स्कूल हैं, जिन्होंने एफआरसी के समक्ष एफिडेविट प्रस्तुत किया है। एफआरसी उन्हीं स्कूलों के नाम और फीस जारी कर रहा है जो फीस का प्रपोजल जमा कर चुके हैं। इसमें जूनियर के.जी से लेकर 12वीं विज्ञान वर्ग तक की फीस तय की गई है। यह फीस का ढांचा शैक्षणिक सत्र 2017-18 का है। जिन स्कूलों ने अधिक फीस वसूली होगी तो उन्हें शेष फीस वापस करनी होगी। जिन स्कूलों ने प्रपोजल और एफिडेविट जमा नहीं करवाया है और जो स्कूल फीस के मामले को लेकर अदालत में पहुंचे हैं। उनकी फीस का ढांचा एफआरसी ने तय नहीं किया है। एफआरसी के सदस्य का कहना है कि अदालत में मामला चलने के कारण इन स्कूलों पर अभी कोई फैसला नहीं किया जाएगा।