सूरत

नहीं तो महाराष्ट्र छीन लेगा सूरत का कपड़ा उद्योग

वीवर्स ने कम दर पर बिजली देने की मांग उठाई
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Updated: 4 Aug 2018, 10:01 PM IST
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नहीं तो महाराष्ट्र छीन लेगा सूरत का कपड़ा उद्योग

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सूरत दौरे पर आई केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी से सूरत के वीवर्स ने कम दर पर बिजली देने और कपड़ा उद्योग को प्रोत्साहन देने वाली टैक्सटाइल नीति बनाने की मांग की।
ताज होटल में कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी से मीटिंग के दौरान फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन ने यह मांग की। उन्होंने कहा कि गुजरात में साढ़े सात रुपए यूनिट की दर से बिजली मिल रही है, वहीं महाराष्ट्र सरकार सिर्फ साढ़े तीन रुपए की दर पर बिजली दे रही है। वहां पर कैपिटल इन्वेस्टमेन्ट में 35 प्रतिशत सब्सिडी बिना कैप मिलती है, जो कि गुजरात में शहरी क्षेत्र के लिए पांच और ग्रामीण क्षेत्र में सिर्फ दस प्रतिशत है। दस प्रतिशत है। इसके अलावा यहां 25 प्रतिशत की सीमा है। महाराष्ट्र सरकार महिला के नाम से उद्योग शुरू करने पर पहले पांच वर्ष तक सिर्फ एक रुपए के दर पर बिजली देती है। गुजरात में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए अन्यथा सूरत का उद्योग वहां पलायन कर जाएगा। कपड़ा उद्यमी संजय सरावगी ने कहा कि वीवर्स के बाद अब कपड़ा व्यापारियों के लिए भी राहत कीजिए। कपड़ा व्यापारी आइटीसी-04 रिटर्न के कारण चिंतित हैं इसे स्थगित कर दिया जाए या तो इसे हटा दिया जाए। इसके अलावा उद्यमियों ने एक्सपोर्ट में आ रही दिक्कतें दूर करने की मांग की। कपड़ा उद्यमियों की बात सुनने के बाद स्मृति ईरानी ने कहा कि सूरत के कपड़ा उद्यमियों को टेक्निकल टैक्सटाइल पर ध्यान देना चाहिए। हमारे पास डाटा नहीं होने के कारण हम वल्र्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के समक्ष यहां डम्प हो रहे माल की शिकायत नहीं कर सकते।
नए संगठन का गठन
इस अवसर पर सूरत के कपड़ा उद्योग का प्रतिनिधित्व करने के लिए कपड़ा उद्योग के सभी घटकों से जुड़े एक फेडरेशन ऑफ सिन्थेटिक टैक्सटाइल का गठन किया गया। इसमें चैम्बर ऑफ कॉमर्स, फिआस्वी, एसआरटीईपीसी, फोगवा और वीवर्स सोसायटियां सदस्य होंगी।

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