कबूल किया 44 हजार रुपए का गबन
वापी. गत वर्ष छरवाड़ा पंचायत कार्यालय में अलमारी में आग लगाकर हिसाब से जुड़े दस्तावेज जलाने के आरोप में पंचायत के क्लर्क शंकर पटेल को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत से ही आग के पीछे साजिश का आरोप लगा था। शंकर का 27 फरवरी को पुलिस ने नार्को टेस्ट भी करवाया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस शंकर को लेकर पंचायत कार्यालय भी पहुंची और छानबीन की।
गौरतलब है कि 25 जुलाई 2017 रात में पंचायत कार्यालय में रखे अलमारी में आग लग गई थी। इसमें पंचायत के हिसाब से जुड़े कई कागजात जल गए थे। आग बंद अलमारी में लगने और सिर्फ कुछ कागजात ही जलने के कारण शुरू से ही संदिग्ध मामला लगा। एफएसएल ने भी जांच में इसकी पुष्टि की थी कि किसी ज्वलनशील पदार्थ का छिड़काव कर आग लगाई गई थी। क्लर्क और तलाटी को पहले से ही शंकास्पद मानकर पुलिस जांच कर रही थी। पंचायत क्लर्क का कोर्ट से आदेश लेकर नार्को भी करवाया गया था। आखिरकार रिपोर्ट आने के बाद मंगलवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जांच कर रहे डुंगरा पीआई ने बताया कि क्लर्क शंकर ने पंचायत के हिसाब में 44 हजार रुपए का गबन किया था। पकड़े जाने के डर से ऑडिट होने से एक दिन पहले ही उसने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने किराणा की दुकान से पेट्रोल खरीदा था। दुकानदार महिला का भी पुलिस ने बयान लिया है। पुलिस द्वारा तीन दिन का रिमांड लेकर उसकी पूछताछ जारी है। क्लर्क 15 साल से पंचायत कार्यालय मे नौकरी कर रहा था। गांव वालों के बीच यह भी चर्चा है कि भले ही शंकर ने अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है, लेकिन इस खेल के पीछे दिमाग किसी और का है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस शंकर को लेकर पंचायत कार्यालय भी पहुंची थी और जरूरी छानबीन की।