सूरत

अभियुक्तों तक ऐसे पहुंची पुलिस

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया
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Aug 19, 2018
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अभियुक्तों तक ऐसे पहुंची पुलिस

सूरत.
पुलिस ने बताया कि महिला और बच्चे के शवों के डीएनए टेस्ट से उनके मां-बेटे होने का पता चलने के बाद पुलिस शहर तथा जिले में लापता मां-बेटे की जानकारी हासिल करने में जुटी थी। लिंबायत थाने में 13 मई को गोड़ादरा डी.के.नगर निवासी सदाब्रिज यादव ने अपनी पत्नी और पुत्र के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी।

पुलिस ने सदाब्रिज को दोनों शव दिखाए, लेकिन वह शिनाख्त नहीं कर पाया। उसने पुलिस को बताया कि उसे शक है, उसकी पत्नी को उसका सहकर्मी सुरेश गौतम भगा ले गया है। सदाब्रिज के मुताबिक उसकी पत्नी के पास मोबाइल फोन भी था। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर सुरेश गौतम का नंबर हासिल किया, लेकिन वारदात के दिन उसका मोबाइल लोकेशन अन्य जगह था। फिर पुलिस को पता चला कि सुरेश के पास एक नहीं, दो मोबाइल फोन थे। पुलिस ने दूसरे नंबर का पता लगाया और उसे सर्वेलेंस पर रखने के बाद उसे पुणे से धर दबोचा।

क्लू मिलने के बावजूद तीन महीने तक गुत्थी नहीं सुलझाने पर उठे सवाल

पुलिस आयुक्त ने बताया कि मंजू और उसके बेटे की हत्या 11 मई को कर दी गई थी। शव 19 मई को मिले। इस बीच, 13 मई को मंजू के पति ने पत्नी और पुत्र के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। 19 मई को शव मिलने के बाद पुलिस ने जब इनकी शिनाख्त के प्रयास शुरू किए तो पता चला कि लिंबायत क्षेत्र से एक महिला अपने बेटे के साथ लापता है। बोरे से जो शव मिले थे, वह भी महिला और बच्चे के थे। पुलिस का दावा है कि उन्होंने उस वक्त मंजू के पति को शिनाख्त के लिए बुलाया था, लेकिन उसने पहचान ने इनकार कर दिया था। इसके बाद वह गांव चला गया।

यह क्लू उसी वक्त गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस के लिए काफी था। इसके बावजूद पुलिस तीन महीने बाद गुत्थी सुलझाने का दावा कर रही है। इसे लेकर पुलिस जांच को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने दावा किया था कि मां-बेटे की शिनाख्त के लिए पुलिस ने पांच हजार पोस्टर छपवा कर सावर्जनिक जगहों पर लगवाए और विभिन्न राज्यों में टीमें भेजने के साथ पांच राज्यों में लापता हुए लोगों का डाटा भी मैच किया गया, लेकिन लिम्बायत थाने में शव मिलने से पहले दर्ज मां-बेटे के लापता होने की शिकायत को उसने गंभीरता से नहीं लिया। यादि ऐसा होता तो उसी वक्त इस दोहरे हत्याकांड का राज फाश हो जाता।

आठ महीने में 35 में से 28 ब्लाइंड केस सुलझाने का दावा

मां-बेटे की हत्या की गुत्थी सुलझाने के दावे के दौरान पुलिस आयुक्त सतीश शर्मा ने शहर में लगातार बढ़ रही हत्या की वारदातों को लेकर पुलिस की विफलता को छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने आठ महीने के दौरान हत्या के 35 ब्लाइंड मामलों में से 28 मामले सुलझा लिए हैं, यह बड़ी बात है। उन्होंने बढ़ती क्राइम रेट के लिए बाहरी राज्यों के लोगों को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जनवरी से अब तक शहर में हत्या की 71 वारदातें हुईं। इनमें से 60 फीसदी वारदातों में मृतक और आरोपी बाहरी राज्यों के थे।

Published on:
19 Aug 2018 09:21 pm