सूरत

रत्नागिरी हापुस की विदाई करीब, कीमत फिर बढ़ी

कम आवक से 400 रुपए तक महंगा
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Jun 08, 2018
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रत्नागिरी हापुस की विदाई करीब, कीमत फिर बढ़ी

सूरत

रत्नागिरी हापुस आम का सीजन खत्म होने की ओर है। मानसून की शुरुआत होते ही फलों की मंडियों में यह कम नजर आएंगे। आम के व्यापारियों ने आवक कम होने का कारण बताकर हापुस की कीमत बढ़ा दी है। पिछले महीने की अपेक्षा इन दिनों हापुस आम की कीमत प्रति किलो 400 रुपए तक बढ़ गई है।
सूरत में रत्नागिरी हापुस फरवरी से आने लगता है और जून के मध्य तक इसका सीजन रहता है। इस बार फरवरी में हापुस की कम आवक के कारण यह महंगा था। फल विक्रेता शिवम मिश्रा ने बताया कि शुरू में हापुस प्रति 20 किलो 1600 से 2000 रुपए तक बिका। बाद में इसकी कीमत घटकर 1200 रुपए तक पहुंच गई थी, लेकिन अब रत्नागिरी हापुस का सीजन समाप्त होने को है। आवक घट जाने से इसकी कीमत फिर प्रति 20 किलो 1600 रुपए तक पहुंच गई है। इसके अलावा वलसाडी हापुस की कीमत भी 900 रुपए से बढ़कर 1200 रुपए हो गई है। धरमपुर के केसर की कीमत 800 से 1000 रुपए , सौराष्ट्र के केसर की 1200 रुपए, लंगड़ा की 1200-1400 रूपए, राजापुरी की 600-700 रुपए, देशी की 500-600 रुपए, वनराज 800 रुपए और पायरी 1000 रुपए चल रही है। मिश्रा ने बताया कि पहली बारिश के बाद आम की बिक्री कम हो जाने से दाम में कमी आती है। इसके अलावा अब आम की अन्य वेरायटी बाजार में आने को हैं। इनमें दशहरी ,आम्रपाली, मलबूबा, करंज, चौसा, दाड़म आदि शामिल हैं। इनका सीजन जुलाई मध्य तक रहेगा।


एक्सपोर्टर्स के लिए बायर्स-सेलर मीट

सिंथेटिक रेयोन टैक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एसआरटीइपीसी) मैन मेड फैब्रिक्स की बिक्री बढ़ाने के लिए 21 से 23 सितंबर तक बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन करेगी।
एसआरटीइपीसी के प्रमुख नारायण अग्रवाल ने बताया कि सूरत के कपड़ा उद्योग और निर्यात को बढ़ावे के लिए सितंबर में अंतरराष्ट्रीय बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन किया जाएगा। इसमें 200 से अधिक विदेशी बायर्स शामिल होंगे। पिछले साल भी सोर्स इंडिया के नाम से बायर्स-सेलर्स मीट का आयोजन किया गया था। इसमें 31 देशों के 95 से अधिक बायर्स आए थे और सूरत के व्यापारियों को अच्छा व्यापार मिला था। इस साल भी बायर्स-सेलर्स मीट से अच्छे व्यापार की उम्मीद है।

Published on:
08 Jun 2018 09:12 pm